जिले में कोहरे और धुंध का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। रविवार को सुबह से लेकर शाम तक जिले के पर्वतीय शिखर कोहरे से घिरे रहे। शहर और साथ लगते गंगेड़ा पर्वतीय शिखर पूरी तरह से कोहरे में लिपटा रहा। कोहरे की सर्दी के कारण शनिवार के
मुकाबले में रविवार को अधिकतम तापमान में 5.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। लोगों की परेशानियोें बढ़ती जा रही हैं। किसानों की चिंता तोे और भी ज्यादा बढ़ गई हैं।
सूर्यदेव की रोशनी को देखने के लिए रविवार को शहरवासियों को दोपहर तीन बजे तक इंतजार करना पड़ा। शनिवार देर रात से ही कोहरे ने शहर और आसपास के इलाके में कहर बरसाना शुरू कर दिया था।
सुबह तो पूरा शहर और आसपास के इलाके कोहरे की चपेट में थे। कोहरा इतना ज्यादा था कि कुछ फीट की दूरी पर दूसरे व्यक्ति को देखना मुश्किल था। कोहरे के कारण लोग दिन भर ठिठुरते रहे, लेकिन राहत नहीं मिल सकी।
रात को लोगों को शहर के कई हिस्सों में आग जलाकर सर्दी से बचने के उपाय करते देखा गया। इससे सुबह के समय यातायात पर भी असर पड़ा।
दोपहर तीन बजे कुछ समय के लिए धूप निकली, लेकिन फिर स्थिति पहले जैसे ही बन गई। पत्नीटाप व नत्थाटाप पर्यटनस्थल भी धुंध व कोहरे की चपेट में आ चुके हैं। जबकि पत्नीटाप में पहुंचने वाले पर्यटक हिमपात न होने के कारण मायूस होकर लौट रहे हैं।