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लापरवाही या साजिश : 2017 में भी जहरीला रसायन मिलने से मारी गईं मछलियां, लोग हुए थे बीमार

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बिरमा नदी में मरी पड़ी मछलियां।
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- बरेड़ियां बिरमा-दुद्धर संगम नाले में मछलियों के मरने का मामला
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- प्राथमिक जांच में जहरीला रसायन मिश्रित होने की पुष्टि
- सोमवार को सभी सैंपल की आएगी रिपोर्ट, विशेष टीम भी करेगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। बट्टल इलाके में बरेड़ियां गांव में पिछले तीन दिन से बिरमा-दुद्धर संगम नाले में संदिग्ध हाल में मछलियों के मरने का मामला धीरे-धीरे गर्माने लगा है। इसमें कई तथ्य सामने निकलकर आ रहे हैं। संबंधित विभागों की ओर से लिए गए कई सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है लेकिन प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पानी में जहरीला पदार्थ मौजूद है।
अब जांच का विषय यह है कि जो जहरीला रसायनिक पदार्थ उसमें पाया गया है वो किसी रसायनिक कारखानों की वजह से पानी में मिश्रित हुआ है या फिर किसी ने जानबूझकर शरारत की। क्योंकि वर्ष 2017 में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था जिसमें पानी में जहरीला पदार्थ मिलाने की पुष्टि हुई थी जिससे कई मछलियों की मौत हो गई थी और उसी पानी के सेवन से कई लोग बीमार भी हुए थे। परंतु यह किसकी हरकत थी यह आज तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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गौरतलब है कि तीन दिन पहले बट्टल पंचायत के बरेड़ियां गांव में मछलियों के मरने की सूचना मिली थी। जिसको लेकर विभिन्न संगठनों, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए मामले की जांच करने की मांग की थी। कई लोगों का आरोप था कि बट्टलवालियां में मौजूद रासायनिक कारखानों की ओर से बिरमा दुद्धर संगम नाले में दूषित पानी छोड़ा जा रहा है। जिसकी वजह से पानी जहरीला हो गया है। मछलियां और पानी में मौजूद सांप भी मर रहे हैं और लोगों को भी खुजली आदि की शिकायतें उत्पन्न होने लगी हैं। खासकर जो मछलियां मारी गई हैं उनकी चमड़ी पर लाल धब्बों के निशान पाए गए हैं।
चिंता की बात यह है कि बट्टल फिल्ट्रेशन प्लांट से इसी नाले का पानी लिफ्ट कर कई गांव में सप्लाई किया जाता है। नाले में कई मवेशी पानी पीने भी आते हैं और बच्चे भी नहाते हैं। उनकी जान पर खतरा बन सकता है। मामले की जानकारी मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल शक्ति विभाग और मछली पालन विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंची थी। तीनों विभाग ने अपने-अपने सैंपल जमा कर जांच के लिए जम्मू भेज दिए हैं। सोमवार को सभी की रिपोर्ट आ जाएगी। खासकर जम्मू से भी जांच के लिए एक विशेष टीम सोमवार को उधमपुर पहुंचेगी। इलाके में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है और लोगों को नाले का पानी इस्तेमाल न करने की सख्त हिदायत दी गई है।


सोमवार को रिपोर्ट आने पर स्थिति होगी स्पष्ट

पानी के सैंपल जमा कर जांच के लिए जम्मू भेज दिए गए हैं, सोमवार को रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। नाले में कारखानों से छोड़े गए पानी के मिश्रित होने की संभावना कम है क्योंकि कारखानों और नाले की जमीनी स्थिति में काफी अंतर है।
- सुरेंद्र त्रिपाठी, जिला अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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आपूर्ति बंद कर पानी के टैंकर की व्यवस्था की

फिल्ट्रेशन प्लांट से बट्टल इलाके में एहतियात के तौर पर पानी की आपूर्ति रोक दी गई। सैंपल जमा कर लैब में भेजे गए है। जिनके 11 टेस्ट करवाए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है। बहरहाल पानी की किल्लत न हो इसके लिए पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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- संदीप गुप्ता, एक्सईएन, पीएचई
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पानी में मिश्रित है जहरीला पदार्थ, विशेष टीम करेगी जांच

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पानी में कोई जहरीला पदार्थ मौजूद है। कुछ सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और सोमवार को विशेष टीम जांच के लिए पहुंचेगी। पानी के नमूनों सहित मारी गई मछलियों का पोस्टमार्टम भी करवाया जाएगा। वर्ष 2017 में भी ऐसा मामला सामने आया था जिसमें जानबूझकर जहरीला पदार्थ पानी में मिलाने की पुष्टि हुई थी। लेकिन इस बार यह जानबूझकर किया गया है या कारखानों की वजह से दूषित हुआ है इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है।
-अनु बाला, एडी,
मछली पालन
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