एक ओर जहां हर किसी की खुश्क मौसम से राहत पाने के लिए आसमान पर टकटकी लगी हुई है, वहीं मौसम की बेरुखी भी जारी है। हालांकि शनिवार की रात को ऊंची पर्वतीय चोटियों पर हलकी बर्फ गिरी जो रविवार की सुबह धूप के साथ ही पिघल गई।
शनिवार को दिन भर आसमान बादलों से गिरा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि शायद पहाड़ बर्फ की सफेद चादर में लिपट जाएगा और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी, लेकिन रात को नत्थाटाप, जुगधार, शिवगढ़ धार और स्योज धार की ऊंची चोटियों पर हलका हिमपात तो हुआ जो रविवार की सुबह धूप के साथ ही साफ हो गया।
नववर्ष पर हलकी बर्फ पड़ने के बाद क्षेत्र में ठंड का प्रकोप काफी बढ़ गया। लोगों को दिन में धूप खिलने से राहत तो मिली, लेकिन शाम को फिर ठंड में भारी इजाफा हो गया, जिससे बचने के लिए लोग अलाव जलाकर सेक रहे थे। पत्नीटाप, कुद, बच्छल, सुद्धमहादेव, समरोली जैसे क्षेत्रों में भी ठंड में भारी इजाफा हो गया था और लोग जल्दी ही घरों का रुख कर रहे थे।