भद्रवाह। उपजिले के नूरी हंगा गांव में मंगलवार को फॉक्सग्लोव ब्लूम्स पर्व मनाया गया। यह त्योहार पर्यटन निदेशालय जम्मू की ओर से भद्रवाह विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन के सहयोग से शुरू की गई पहल से पहली बार मनाया गया है।
यह त्योहार एक फूल वाले पौधे की सुंदरता को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है, जिसे आमतौर पर फॉक्सग्लोव और वैज्ञानिक नाम डिजिटलिस के नाम से जाना जाता है। फॉक्सग्लोव यूरोप, पश्चिमी एशिया और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका की मूल प्रजाति है। यह भद्रवाह वन प्रभाग के जंगलों में बहुतायत में पाया जाता है, और यहां के हरे-भरे जंगलों की सुंदरता में चार चांद लगा देता है।
फूल आकार में ट्यूबलर होते हैं, जो लंबे स्पाइक पर उत्पन्न होते हैं, और बैंगनी से गुलाबी, सफेद और पीले रंग में भिन्न होते हैं। इसका उपयोग कंजेस्टिव कार्डिएक फेल्योर के उपचार में किया जाता है। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और विभिन्न स्कूलों व डिग्री कॉलेजों के छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर भद्रवाह के डॉ. नीरज ने इस फूल वाले पौधे के महत्व के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्घाटन डीडीसी अध्यक्ष धनंतर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि यह बड़े पैमाने पर पर्यटकों को आकर्षित करेगा, और यहां व्यापार के अवसरों को बढ़ाएगा। उन्होंने आम बेरोजगार जनता के लाभ के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी बात की, और इस जंगली पौधे के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को रवि ठाकुर, मूल राज मिशर, आबिद बशीर और यूनिस शेख जैसे गायकों ने सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ आकर्षक और रंगीन बनाया। स्थानीय जनता ने डिक्कू, आदि लोक नृत्य भी प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में डीडीसी उपाध्यक्ष संगीता भगत, डीडीसी सदस्य युद्धवीर सिंह, बीडीसी अध्यक्ष ओमी चंद, एडीसी भद्रवाह दिल मीर, सीओ 4आरआर, आदि ने भाग लिया।
भद्रवाह में आयोजित फॉक्सग्लोव ब्लूम्स फेस्टिवल में कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार व मौजूद स्थ?- फोटो : UDHAMPUR