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बूढ़ा केदारनाथ मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

Tue, 19 Jul 2016 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,चिनैनी
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प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा बूढ़ा केदारनाथ में मंगलवार को मेले का आयोजन किया गया। यह मेला कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया गया। मेले में हजारों लोगों ने शिरकत की।
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यहां मंदिर में सुबह चार बजे से शुरू हुआ कीर्तन शाम तक जारी रहा। मंदिर में हवन यज्ञ और पूर्णाहुति भी दी गई। अलसुबह से ही मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इसके पहले सोमवार शाम से ही मेला स्थल पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था।

इसके चलते मंगलवार को तड़के चार बजे से ही मेला स्थल पर चहल पहल शुरू हो गई थी। भगवान शिव के भक्तों ने सुबह से ही बाबा बूढ़ा केदारनाथ में स्थित देविका में स्नान कर पुण्य अर्जित किया।
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दोपहर तक मेला स्थल पर रौनक दोगुनी हो गई। शाम तक मेला स्थल लोगों से गुलजार रहा। मेला स्थल पर भगवान शिव के घुटने के दर्शन करने वालों का तांता शाम तक लगा रहा जिससे वहां पर धरती शिव के जयकारों से गूंज उठी। भक्तों की कतारें दूर-दूर तक लगी थी।

घंटों इंतजार के बाद भगवान शिव के घुटने के दर्शन लोगों ने किए। इसके बाद लोगों ने मेले का भ्रमण किया। लोगों ने खूब खरीदारी की। दुकानों पर भी भीड़ रही। इस मौके पर लंगर में प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मेले में प्रशासन और पुलिस ले पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए थे।
विधायक दीनानाथ भगत भी बाबा बूढ़ा केदारनाथ के दरबार पहुंचे।

इसके पहले उन्होंने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। विधायक ने लोगों को कहा कि क्षेत्र में जो भी समस्याएं होगी, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा। इस दौरान तहसीलदार कुनाल शर्मा, भाजपा मंडल प्रधान दीपक चंद्र गुप्ता, राकेश मौजूद थे। पूर्व विधायक कृष्ण चंद्र भगत ने भी बाबा बूढ़ा केदारनाथ में पहुंचकर दर्शन किए।

बाबा बूढ़ा केदारनाथ में पिछले 23 वर्ष से मेले का आयोजन हो रहा है। हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होता है। मेला कमेटी के सदस्यों ने बताया कि मेले की सफलता का यह अच्छा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि चिनैनी समेत उधमपुर, जम्मू, पंजाब और अन्य जगहों से श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने गुरु पूर्णिमा पर यहां आते हैं।

बाबा बूढ़ा केदारनाथ में एक रास्ता ऐसा भी है जो श्रीनगर जाकर निकलता है। यह बात वहां के पुजारी ने बताई। पुजारी के मुताबिक बुजुर्ग बताते हैं कि जहां भगवान शिव का घुटना है, उसी के साथ एक रास्ता ऐसा है जो सीधे श्रीनगर जाकर निकलता है। इस रास्ते दो साधु भी जा चुके है। एक साधु ने श्री अमरनाथ से पत्र लिखकर पहुंचने की जानकारी दी थी जबकि दूसरे साधु के बारे में कोई पता नहीं चला था।

बाबा बूढ़ा केदारनाथ में तेज या कम बारिश होने के बारे में भी पता चल जाता है। गुफा के अंदर पानी की मोटी मोटी बूंदे टपकने लगें तो तेज बारिश और जब भगवान शिव के घुटने पर ही बूंदें पड़े तो बारिश कम होती है। ऐसा यहां के स्थानीय लोगों का मानना है ।
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