उधमपुर। अधिक स्क्रीन टाइम के कारण अब बच्चों और युवाओं में भी आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं। पहले यह शिकायत बुजुर्गों में आम थीं। विशेषज्ञ कोरोना काल को अधिक जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि उस दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग अधिक हो गया था।
इसका असर खासकर बच्चों पर पड़ा। मोबाइल, टीवी और टैबलेट के अधिक इस्तेमाल से तीन से सात साल तक के बच्चों में दूर की नजर कमजोर होने लगी है।
कई बच्चों को चश्मा भी लगाना पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर तेज रोशनी का असर पड़ता है जिससे आंखों का प्राकृतिक विकास प्रभावित हो सकता है। आज के समय में लोग हर काम में मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे हैं जो आंखों को प्रभावित कर रहा है। अन्य कारण आंखों की सही देखभाल न करना और बिना डॉक्टरी सलाह दवा लेना भी है। काफी लोग आंखों में जलन या एलर्जी होने पर घरेलू नुस्खे अपनाते हैं। कुछ तो आंखों में नींबू तक डाल देते हैं।
गंदे कपड़े या रुमाल से आंखों को साफ करना और बार-बार छूना संक्रमण फैलाता है। ऐसे ही बिना जानकारी आई ड्राप्स डालने से एलर्जी, सूजन, कंजंक्टिवाइटिस, कार्निया को नुकसान और गंभीर मामलों में नजर कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है।
सावधानी बरतें
आंखों में लगातार जलन, लालीपन, दर्द, पानी आना या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या हो रही है तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं। किसी भी तरह का घरेलू उपाय न करें। ऐसी लापरवाही करने से गंभीर नुकसान हो सकता है।
डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें। रात में मोबाइल का अधिक प्रयोग न करें। साफ रुमाल से ही आंखों साफ करें।
- डॉ. अश्विनी कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जीएमसी