नगर परिषद और व्यापारियों में होती झड़प।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर शुक्रवार को नप के कर्मचारियों और व्यापारमंडल में जमकर झड़प हो गई। इस दौरान नगर परिषद के कर्मचारियों से धक्का-मुक्की की गई। सुपरवाइजर और आटो चालक को थप्पड़ जड़ने का आरोप भी है। नप की ओर से पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया।
दरअसल, गोल मार्केट से चूड़ियों की फड़ियों को उठाने पर नगर परिषद और फड़ी वालों के बीच विवाद हो गया। व्यापार मंडल के सदस्यों के मौके पर पहुंचते ही विवाद और बढ़ गया। नगर परिषद का विरोध कर रहे फड़ी वालों और व्यापार मंडल के सदस्यों ने नगर परिषद के आटो का शीशा तोड़ डाला। साथ ही नप के सुपरवाइजर और चालक को थप्पड़ भी लगाए गए। ऐसा कर्मचारियाें का आरोप है।
मारपीट के विरोध में नगर परिषद कर्मचारियों ने रोड बंद कर व्यापार मंडल के प्रधान को हिरासत में लेने की मांग की। शुक्रवार को भी नगर परिषद द्वारा सड़क के किनारों पर लगी फड़ियों का सामान जब्त कर लिया गया। इस पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नप कर्मियों का आरोप है कि मौके पर पहुंचे व्यापार मंडल के प्रधान सुरिंद्र सिंह खालसा ने विवाद को और हवा दे दी।
इसके चलते प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद के एक आटो का शीशा तोड़ दिया और चालक व सुपरवाइजर को भीड़ में शामिल लोगों पे थप्पड़ जड़ दिए। कर्मचारियों से मारपीट की बात सुनते ही नगर परिषद के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
व्यापार मंडल के सदस्यों और भीड़ में शामिल लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों के साथ भी गाली-गलोच और धक्का-मुक्की की। पुलिस को भी लोगों के रोष का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बीचबचाव कर नप के अधिकारियों को वहां से निकाला।
केस दर्ज करवाया
कर्मचारियों ने चार लोगों की शिनाख्त की है। गोपाल, अजय, सतीश और मंजीत नाम के आदमी के खिलाफ सरकारी कर्मचारी से आन ड्यूटी मारपीट करने, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाने, कर्मचारी को काम से रोकने व गाली-गलोच का ममला दर्ज कराया है। व्यापार मंडल के प्रधान सुरेंद्र सिंह और कुछ अन्य के नाम भीड़ भड़काने के लिए पुलिस को दिया है।
-संतोष कोतवाल, सीईओ
नगर परिषद