किश्तवाड़। उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने ब्लॉक द्राबशाल्ला की पंचायत सल्लाना का निरीक्षण किया। इस दौरान मनरेगा के तहत गलत उपस्थिति दर्ज कराने पर तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।
इस दौरे का उद्देश्य मनरेगा और आरडीडी योजनाओं के तहत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और अनुपालन का आकलन करना था। यह निरीक्षण हाल ही में ब्लॉक मुगलमैदान के दौरे के बाद किया गया। उपायुक्त ने कहा कि मेट सहित कोई भी कर्मचारी गलत उपस्थिति दर्ज कराने में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ निलंबन या बर्खास्तगी सहित सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ब्लॉक द्राबशाल्ला में उपायुक्त ने चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उनकी गुणवत्ता की जांच की और दिशा-निर्देशों के समग्र पालन का आकलन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निष्पादन में कोई समझौता नहीं होना चाहिए क्योंकि वे स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण हैं। निरीक्षण के दौरान डीसी ने आयुषी शर्मा (वीएलडब्ल्यू), अब्दुल हामिद (जीआरएस) और रविंदर कुमार (जीआरएस) को ड्यूटी में कोताही बरतने पर निलंबित कर दिया। डीसी ने एक सख्त निर्देश जारी किया कि मनरेगा के तहत सभी उपस्थिति रिकॉर्ड प्रामाणिक और सही ढंग से बनाए रखे जाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोपरि है और किसी भी विचलन पर तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। दौरे के दौरान उपायुक्त के साथ सहायक आयुक्त विकास फुलैल सिंह थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिले में मनरेगा और आरडीडी परियोजनाओं की अखंडता को बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने और किसी भी चूक को रोकने के लिए कार्य की गुणवत्ता और निष्पादन समयसीमा पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने भडोती, बुगराना और बादात गांवों का दौरा किया और धुरी पर अंतिम बस्ती कुलचंदना गांव तक गए।