बिजली विभाग की घोर लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। चिनैनी सब डिवीजन के कुछ गांव ऐसे हैं, जहां बिजली के तार पेड़ों से मौत बनकर लटक रहे हैं। कई जगहों पर जर्जर खंभे हादसे को न्योता दे रहे हैं। तारों की हालत भी नाजुक है। कई बार इसकी जानकारी विभाग को दी गई, पर इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
चिनैनी सबडिवीजन में बिजली की समस्या काफी पुरानी है। इस समस्या के बीच खतरनाक पहलु यह है कि गांव कटवालत, घाड़ियां और अन्य कुछ ऐसे गांव हैं जहां पर बिजली की तारों को पेड़ों से लटकाया गया है। खंभों की हालत ऐसी है कि वे हलकी तेज हवा में भी गिर सकते हैं। कच्चे पेड़ों से तार जोड़ने के कारण हमेशा हादसे का डर रहता है। कुछ वर्ष पहले एक गांव में बिजली की तार गिरने से एक महिला की भी मौत हो गई थी।
2011 की बर्फबारी के बाद से नहीं सुधारी स्थिति
गांव कटवालत के सरपंच सोम राज गोस्वामी ने बताया कि उनके गांव में भी कई स्थानों पर बिजली की हालत खस्ता है । वर्ष 2011 में भारी बर्फबारी के चलते कई खंभे गिर गए थे और तारे टूट गए थे। उस समय उन्हीं तारों को जोड़कर पेड़ों के सहारे किसी तरह लटका कर बिजली बहाल कर दी गई थी।
वह स्थिति अभी भी जस की तस है। उन्होंने कहा कि बिजली समस्या को दूर करने के लिए कई बार मांग उठाई गई, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। वहीं मानतलाई के सरपंच बलविंदर सिंह ने भी बिभाग की इस लापरवाही पर रोष जताते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में भी ऐसी समस्या है।
बारिश होने पर पेड़ों में आ जाता है करंट
पंचायत घाड़ियां के सरपंच विजय कुमार ने बताया कि उनके गांव में भी बिजली की समस्या बहुत ज्यादा है। बिजली के तार पेड़ों से लटके हैं। बारिश हो जाए तो पेड़ों में करंट आ जा जाता है। इससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। उन्होंने गांव में बिजली के तारों और खंभों को दुरुस्त करने की मांग की है।
चिनैनी-घोरडी विधानसभा क्षेत्र में खंभे और तारों को बदलने के लिए 15 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा है। उसे मंजूरी मिलते ही बिजली लाइन को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
-सुनील पाबा, एईई, बिजली विभाग