मजालता। सरकारी डिग्री कॉलेज मजालता की एनएसएस इकाई और जिला प्रशासन मजालता के साथ मिलकर नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ आईईसी अभियान के तत्वावधान में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
कॉलेज के छात्रों द्वारा नशीली दवाओं के खतरों को दर्शाते हुए नुक्कड़ नाटक को बहुत प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया गया था। उर्दू विभाग के डॉ रियाज ने नशीली दवाओं के सेवन के दुष्प्रभावों और इसके दुष्प्रभावों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता तहसीलदार मजालता दीक्षा बांबा थीं। उन्होंने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के व्यक्तियों और समाज पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. नरेश कुमार और प्रो. अनुराधा चौधरी ने किया, जिसमें कॉलेज के छात्रों और कर्मचारियों दोनों की सक्रिय भागीदारी रही।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन की बढ़ती समस्या से निपटने के दौरान सूचित और जिम्मेदार विकल्प बनाने के लिए प्रेरित करना था। इस मौके पर कॉलेज की प्रिंसिपल द्वारा कालेज परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने पर तहसीलदार मजालता का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. शीराज द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।