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Udhampur News: सरकार के पास नहीं पैसे, स्कूलों में सीसीटीवी लगें कैसे

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उधमपुर। जिले के 1427 सरकारी स्कूलों में से सिर्फ 10 हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि बाकी में यह सुविधा नहीं है। इससे बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं और चोरी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
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जिन 10 स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, वे सभी शहर में ही स्थित हैं। शिक्षा विभाग की ओर से अन्य स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कोई प्रस्ताव भी सरकार को नहीं भेजा गया है। हालांकि कई प्राइवेट स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। अगर प्राइवेट स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य हैं तो फिर सरकारी स्कूलों में भी सुरक्षा को मद्देनजर कैमरे लगाए जाने चाहिए। इससे जहां स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होगी, वहीं स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों पर भी नजर रहेगी।
गौरतलब है कि जिले के कई सरकारी स्कूलों में चौकीदार ही नहीं है, जिसके चलते वहां चोरियां हो चुकी हैं। इतना ही नहीं, शहर के बीचोंंबीच स्थित सरकारी मिडिल स्कूल बाडेया में चोरों ने तीन बार सेंध लगाई, जबकि एक सप्ताह पहले सरकारी मिडिल स्कूल दंदेयाल में भी चोरी का प्रयास किया है। इसके लिए सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे बहुत जरूरी हैं।
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स्कूलों में 39 चौकीदार के पद खाली
जिले में स्थित सरकारी स्कूलों की सुरक्षा राम भरोसे है। हालांकि हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में चौकीदार का पद होता है लेकिन जिले में 39 के करीब चौकीदार के पद खाली पड़े हुए हैं। हालांकि सरकार की ओर से अब स्कूलों में चौकीदार के पद को निरस्त करके एम टासकिंग फोर्स नाम दिया गया है।

जिले में 10 स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि बाकी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। स्कूलाें में सीसीटीवी कैमरे लगे होेने चाहिए ताकि स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था चार चौबंद हो और बच्चों पर भी पूरी तरह से निगरानी रहे। अगर पूरे जिले के स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने हों तो उसके लिए करोड़ों रुपये चाहिए। इतना बजट नहीं है। इसके चलते स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगना नामुमकिन है।
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-नरेंद्र मोहन सूरी सीईओ
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