रामनगर। सरकारी डिग्री कॉलेज में भारत के संविधान को अपनाना विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें आरिफ अहमद नेंगरू ने ''भारतीय संविधान को अपनाने'' और उसके महत्व की जानकारी दी।
संगोष्ठी में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी देखी गई। कार्यक्रम राजनीति विज्ञान विभाग और वाद-विवाद एवं संगोष्ठी समिति के समर्पित प्रयासों से आयोजित किया गया था। संयोजक प्रो. रितिका महाजन, डॉ. सुनील कुमार, प्रो. अनीस अहमद, प्रो. संजय मल्होत्रा और प्रो. तनमीत कौर सहित समिति के सदस्यों ने आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रो. मनमोहन सिंह, प्रो. जतिंदर लाल, डॉ. जीवन कुमार और प्रो. रोमेश कुमार सहित सम्मानित संकाय सदस्यों की उपस्थिति में संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव सत्र के साथ हुआ, जहां छात्र संवैधानिक सिद्धांतों पर अपनी समझ और दृष्टिकोण का प्रदर्शन करते हुए सक्रिय रूप से चर्चा में शामिल हुए। इस मौके पर प्रिंसिपल प्रो. भवनेश चंद अंथाल भी मौजूद थे।
उधर, कॉलेज में उभरती प्रौद्योगिकियों की खोज-भविष्य में एक झलक विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया। सत्र में अतिथि वक्ता के रूप में जम्मू विश्वविद्यालय के भौतिकी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप आर्य उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत भौतिकी विभाग के प्रमुख और आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. राकेश कुमार पंडित ने कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। डॉ. संदीप आर्य ने भविष्य को आकार देने में मोबाइल बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, आनुवंशिक इंजीनियरिंग, हरित प्रौद्योगिकियों आदि जैसी विलय प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य की तीन तकनीकों 3-डी प्रिंटिंग, स्वास्थ्य देखभाल प्रबंधन के लिए भविष्य की बैटरी और सेंसर की तकनीक के बारे में चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नैनो टेक्नोलॉजी और नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों में प्रगति पर भी चर्चा की। कार्यक्रम का समापन डॉ. उज्वल गुप्ता ओर से दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
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