- ई-संजीवनी के रूप में स्वास्थ्य विभाग आज भी दे रहा सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में शुरू की गई ई-संजीवनी आज भी जारी है। योजना के माध्यम से लोग घर बैठे फोन या वीडियो काल से प्रदेश के बेहतरीन विशेषज्ञों से परामर्श हासिल कर सकते हैं। इसका लाभ कई लोग उठा रहे हैं।
टेलीमेडिसिन घर रहकर दी जाने वाली स्वास्थ्य देखभाल है, जो आमतौर पर टेलीफोन या इंटरनेट पर दी जाती है। हालांकि व्यक्तिगत विजिट के कई फायदे होते हैं, लेकिन जब व्यक्तिगत विजिट असुरक्षित हो या व्यावहारिक तौर पर लागू नहीं हो सकता हो, तो टेलीमेडिसिन महत्वपूर्ण विकल्प है। खासकर उन बुजुर्ग लोगों के लिए जो चल फिर पाने में असमर्थ हैं और अस्पताल में जाकर डॉक्टर से इलाज नहीं करवा पा रहे। कोरोना काल के दौरान 24 मई 2021 से लेकर 11 फरवरी 2022 तक जिला अस्पताल (जीएमसी) उधमपुर में 869 मरीज योजना का लाभ ले चुके हैं। माैजूदा समय में यह योजना ई संजीवनी से सभी हेल्थ एंड वेलफेयर केंद्रों में चलाई जा रही है। टेलीमेडिसिन ऐसे लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिनकी स्वास्थ्य देखभाल तक सीमित पहुंच हो, इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं या डॉक्टर से काफी दूर रहते हैं। चलने-फिरने में मुश्किल होना जैसे ऐसे व्यक्ति जिन्हें पार्किंसन या चलने-फिरने से जुड़ी दूसरी समस्याएं हैं, परिवहन के सीमित साधन या कोई साधन न होना, कोई विकार या ऐसी स्थिति उदाहरण के लिए वायरल महामारी जिससे व्यक्तिगत विजिट असुरक्षित हो सकती है।
हर कोई ले सकता है लाभ
ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन ऑनलाइन सेवा आज भी जारी है। इसका कई लोग घर बैठे लाभ उठा रहे हैं। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने के बाद मरीज घर बैठे फोन या वीडियो काल से अपनी तकलीफ बताकर परामर्श हासिल कर सकता है। हालांकि कई स्थितियों में मरीजों का व्यक्तिगत विजिट काफी अहम होता है लेकिन कुछ ऐसी भी तकलीफें होती हैं, जिसके लिए हर वर्ग का व्यक्ति टेलीमेडिसिन से प्रदेश के बेहतरीन विशेषज्ञों से परामर्श हासिल कर लाभ प्राप्त कर सकता है।
-अनिल मन्हास, सीएमओ उधमपुर।