- समाज कल्याण विभाग ने एसएसपी को भेजी लिखित रूप में शिकायत
उधमपुर। बेटी के विवाह के नाम पर योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी दस्तावेेज से आवेदन करने का मामला सामने आया है। इसको लेकर विभाग ने 33 आवेदकों के खिलाफ पुलिस के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाई है।
गौरतलब है कि विभाग की ओर से विवाह सहायता योजना के तहत जरूरतमंद (पीएचएच) और गरीब (एएवाई) परिवार से संबंधित लड़की की शादी पर 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए शादी से 30 दिन पहले आवेदन करना होता है, लेकिन सत्यापन के दौरान जांच में पाया गया है कि कुछ आवेदकों ने शादी की तारीख में बदलाव या फर्जी दस्तावेज से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। खासकर शादी के कार्ड की तारीख और 30 दिन पूरे करने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा प्रमाणित झूठा शपथ पत्र अपलोड कर योजना का गलत ढंग से लाभ लेने के प्रयास किए गए। इसमें जडसरकोट, गलोत, लहर, बसंतगढ़, रसली, ठकराई, चाकल, जंदरान, गंडाला, पाथी, चेउंटी, बैन, अमारा, सिया महरी, नल्ला घोरियान, घरियान, कलां, मथलोवा, बरमीन लधा, पंचौंड, जाखड़, वार्ड 7 उधमपुर, थिल, डेबरह, सुंडिया, पलनू, बचोल, बिंदिया और दंदोता पंचायतों से 33 मामले सामने आए हैं। इनमें फर्जी ढंग से दस्तावेज जमा कराए गए हैं। विभाग ने सरकारी योजना को लेकर जालसाजी का लेखा-जोखा, फर्जी दस्तावेजों को जमा करने पर सभी 33 आवेदकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए उधमपुर के एसएसपी को भेज दिया है।
विभाग से लेकर प्रशासनिक स्तर पर होता है सत्यापन
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेजाें के साथ संबंधित अधिकारी को आवेदन करना होता है। अधिकारी लाभार्थी की उम्र और वैवाहिक स्थिति की जांच करता है। यह सुनिश्चित करता है कि लाभार्थी ने किसी और योजना के तहत इसी मकसद के लिए पैसे न लिया हो। जरूरी दस्तावेजों और अपनी सिफरिशों के साथ मामला उपायुक्त के पास भेजता है। जिसके तहत मामले की सच्चाई की जांच की जाती है जिसके बाद जांच में योग्य पाए जाने पर लाभार्थी को आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाती है है।
इन दस्तावेजों की होती है जरूरत
दस्तावेज के रूप में आवेदन पत्र, आयु प्रमाण, विवाह निमंत्रण कार्ड, आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक, पहचान पत्र, फोटो जैसे दस्तावेज अनिवार्य होते हैं। इन्हीं दस्तावेजों में आरोपित आवेदकों द्वारा छेड़छाड़ की गई, ताकि योजना का लाभ ले सकें। विभाग ने जब जांच की तो 33 आवेदन फर्जी पाए गए। इसके चलते आवेदन रद्द कर मामले की जांच को पुलिस को भेज दिया गया है।
शादी के कार्ड व तारीख में हेराफेरी
फर्जीवाड़ा करने वालों में कुछ ने पैसे के लालच में फर्जी दस्तावेज जमा कराए, कुछ ने पहले से हो चुकी बेटी की शादी के बावजूद योजना का लाभ लेने के लिए नए सिरे से झूठे दस्तावेज तैयार किए जबकि शादी से एक माह पहले आवेदन करना अनिवार्य है। इनमें झूठे शादी के कार्ड छपवाना, शादी की तिथि में हेराफेरी करना आदि शामिल है।
पीएचएच और एएवाई राशन कार्डधारकों को ही योजना का लाभ दिया जाता है। मगर जांच में सामने आया कि कुछ आवेदकों ने फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर गुमराह करने की कोशिश की है। इसके लिए उनके आवेदन रद्द कर है। उनका उद्देश्य गरीब व जरूरतमंद परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना नहीं है, बल्कि सरकारी योजना का दुरुपयोग न हो और सही लाभार्थियों को लाभ मिल सके, इसलिए कानूनी कार्रवाई की गई है।
कनिका गुप्ता, जिला अधिकारी समाज कल्याण विभाग