संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिला प्रशासन उधमपुर की तरफ से उपायुक्त सलोनी राय की देखरेख में रविवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सूचना, शिक्षा और संचार अभियान के तहत देविका घाट पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त प्रेम सिंह ने की।
अपने संबोधन में एडीसी ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को मादक द्रव्यों के सेवन के शिकार होने से रोकने के लिए सतर्क निगरानी और समय पर हस्तक्षेप के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पंचायत स्तर, नगर पालिकाओं और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष रूप से कमजोर आयु समूहों को लक्षित करते हुए आईईसी अभियानों की शृंखला आयोजित कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाना और नशीली दवाओं की लत से प्रभावित व्यक्तियों का प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करना है।
एडीसी ने छात्रों को जागरूकता पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने साथियों, परिवारों और समुदायों के बीच नशा विरोधी संदेश फैलाने में राजदूत के रूप में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के संसाधन व्यक्तियों ने नशीली दवाओं की लत के सामाजिक, आर्थिक और चिकित्सा प्रभावों पर भी प्रकाश डाला।