उधमपुर। बिजली व पानी का संकट देविकानगरी में गहराता ही जा रहा है। हर दिन लोग प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जता रहे हैं। लेकिन, इस समस्या से निजात मिलने का कोई रास्ता नजर नहीं आता। मंगलवार को भी लोग गर्मी में बिजली और पानी के लिए तरसते रहे।
मंगलवार को शहर में करीब सात घंटे तक बिजली कटौती की गई। जबकि, शहर के कई हिस्सों में लगातार तीसरे दिन शहरवासियों के यहां जलापूर्ति नहीं हुई। करीब एक सप्ताह से शहर में बिजली की घंटों कटौती की जा रही है। तीन से चार घंटे दिन को और रात में भी करीब तीन घंटे कटौती हो रही है। इसी कारण जल शक्ति विभाग अपने दो फिल्ट्रेशन प्लांट से पानी की पंपिंग व फिल्टर नहीं कर पा रहा है।
शहर के दलाह इलाके में तीन दिन से जलापूर्ति नहीं हुआ है। इसी तरह से शिवनगर, संबल, रहमती, दंदियाल, वार्ड 21 के नगरोटा, बाड़यां, सैला तालाब में भी लोगों को सप्ताह में तीन या चार दिन ही पानी मिल रहा है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए शहरवासी बावलियों पर जाने को मजबूर हैं। सुबह व शाम बावलियों पर भी बहुत भीड़ देखने मिल रही है।
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धार रोड पर धरना देकर छह पार्षदों और उनके समर्थकों ने किया प्रदर्शन
मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न करवाने पर सरकार की कार्यप्रणाली पर साधा निशाना
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर में लगातार बढ़ रही बिजली व पानी की समस्या के विरोध में मंगलवार को आम आदमी पार्टी के छह पार्षदों ने डीसी कार्यालय के बाहर धार रोड पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान पार्षद जगदीश कुमार, समनीक भसीन, सुनील प्रोच, प्रीति खजूरिया, आदि ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण आज उधमपुर की जनता बिजली व पानी के लिए तरस रही है। बिजली विभाग हर रोज आठ से 10 घंटे की कटौती कर रहा है। एक घंटा बिजली मिलती है, और डेढ़ घंटा बंद रहती है। रात को भी तीन से चार घंटे कटौती की जा रही है। इससे लोगों का सोना भी मुश्किल हो गया है।
इसी तरह पानी के लिए उन्होंने कहा कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी तरसना पड़ रहा है। अब तो लोगों के यहां सप्ताह में दो या तीन दिन ही जलापूर्ति की जा रही है। हालात ये बन गए हैं कि शहरवासियों के पास शौच के लिए पानी नहीं है। बिजली व पानी न मिलने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। आम आदमी पार्टी लोगों की आवाज उठाने का प्रयास कर रही है। अगर जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो लोग विरोध करने को मजबूर हो जाएंगे।