- 15 अगस्त की सुबह पुलिस ने किया था गिरफ्तार, रात को संदिग्धों पर फायरिंग करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
डोडा। जिले के ठाठरी तहसील के परनोत गांव में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे वीडीजी सदस्य के साथ कथित पुलिस ज्यादती का मामला सामने आया है। आरोप है 14 अगस्त की रात परनोत के प्राथमिक स्कूल में कुछ संदिग्धों की हलचल देखी गई। इस पर वीडीजी सदस्य बलबीर सिंह मनहास ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सवाल जवाब किए लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार हालात को भांपते हुए बलबीर सिंह ने गांव की सुरक्षा के लिए हवाई फायर किया। यह फायर किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि संदिग्धों को डराने और बाकी वीडीजी सदस्यों को सतर्क करने के लिए किया गया था। इसके बावजूद 15 अगस्त की सुबह पुलिस चौकी प्रेमनगर से कुछ अफसर आए और बलबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। भाजपा के वीडीजी प्रकोष्ठ के संयोजक बसंत राज ठाकुर का आरोप है कि पुलिस ने बलबीर सिंह को थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा। उन्हें थर्ड डिग्री दी गई, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
ठाकुर ने कहा कि यह सरासर अधिकारों का दुरुपयोग और वीडीजी की गरिमा पर हमला है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की तुरंत जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इस मामले में खुद हस्तक्षेप कर दोषी अधिकारियों को सजा दिलाने की अपील की है।
डोडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संदीप मेहता ने पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ दुर्व्यवहार और ग्राम रक्षा समूह सदस्य पर हमले के आरोपों के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है।
पुलिस प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, पुलिस चौकी प्रेमनगर के सार्जेंट मोहम्मद जिया से जुड़े कथित दुर्व्यवहार, विशेष रूप से ग्राम रक्षा समूह (वीडीजी) के एक सदस्य की कथित पिटाई को कड़ा संज्ञान लेते हुए, डोडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप मेहता ने तत्काल और कड़ी कार्रवाई की है।
कांस्टेबल मोहम्मद जिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और आगे की कार्यवाही तक उन्हें जिला पुलिस लाइंस (डीपीएल) में अटैच कर दिया गया है। विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं और घटना की व्यापक जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच रिपोर्ट एक पखवाड़े के भीतर प्रस्तुत की जानी है।
इसके अलावा जांच के तहत तत्कालीन थाना ठाठरी के एसएचओ, डीएसपी (पी) अफीर जलील के आचरण की भी गहन जांच की जाएगी। जांच अधिकारी को उनकी भूमिका का आकलन करने और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए विशिष्ट निष्कर्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। बयान में कहा गया है कि यह मामला जिला पुलिस द्वारा सक्रिय रूप से विचाराधीन है और किसी भी व्यक्ति के साथ गलत काम में संलिप्त पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।