किश्तवाड़। मचैल यात्रियों को गुलाबगढ़ में रोकने पर श्रद्धालुओं का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया है।
प्रसिद्ध मचैल यात्रा पर कोरोना महामारी के चलते प्रतिबंध है, लेकिन 25 जुलाई को फिर से मचैल माता मंदिर के कपाट खुलते ही यात्रियों का दर्शन के लिए आना शुरू हो गया। इस दौरान प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ते देख जिला प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन को भक्तों को गुलाबगढ़ से वापस भेजने के आदेश दिए हैं। रात गुलाबगढ़ में बिताने के बाद सोमवार को यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया है।