-ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने टेंडर जारी किए
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ग्रामीण इलाकों में पेयजल का सबसे बड़ा स्रोत माने जाने वाली प्राकृतिक बावलियों के रखरखाब को लेकर जारी प्रयास में अब ब्लाॅक घोरड़ी की पंचायत सेरबाला में 5 बावलियों की मरम्मत कराई जाएगी। इसको लेकर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने डीडीसी कैपेक्स बजट के तहत टेंडर जारी कर दिया है। इस कार्य पर लगभग 4.65 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
गौरतलब है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मियों के दिनों में पेयजल संकट गंभीर समस्या बन जाता है। खासकर पहाड़ी इलाकों में बसे गांवों के लोग रोज़ाना पानी की कमी से जूझते हैं और कई बार दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है। बावलियां इन इलाकों में स्वच्छ जल का प्रमुख स्रोत रही हैं लेकिन समय पर मरम्मत और देखभाल न होने के कारण इनमें से कई बावलियां जर्जर हो चुकी थीं। स्थानीय निवासी काफी समय से इनकी मरम्मत की मांग कर रहे थे। वहीं अब ग्रामीण विकास विभाग की ओर से टेंडर जारी होने के बाद अब उम्मीद जगी है कि आगामी कुछ महीनों में इन बावलियों की मरम्मत पूरी कर ली जाएगी।
स्थानीय विक्रांत सिंह, संजय कुमार, राजकुमार, रविन्दर सिंह ने कहा कि बावलियों की मरम्मत होने से ग्रामीणों को न सिर्फ साफ और पर्याप्त पानी मिलेगा बल्कि महिलाओं और बच्चों को भी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने से निजात मिलेगी। यह काफी सराहनीय प्रयास है और यदि समय-समय पर इस तरह की मरम्मत होती रहे तो पेयजल संकट काफी हद तक दूर किया जा सकता है। फिलहाल, विभाग की ओर से मरम्मत कार्य को लेकर शुरू की गई कवायद बड़ी राहत की खबर है।
पंचायत सेरबाला की 5 बावलियों के मरम्मत कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है और इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
एक्सईएन मो. अनवर, ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग