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Udhampur News: गर्ल्स हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग

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चिनैनी का गर्ल्स हाई स्कूल। संवाद
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- चिनैनी में वर्ष 1946 में खुला प्राइमरी से हाई स्कूल तक ही हो पाया विकसित
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चिनैनी। सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग काफी समय से की जा रही है, लेकिन ये आज तक पूरी नहीं हो पाई। दसवीं करने के बाद छात्राओं को पढ़ाई के लिए दूसरे स्कूल में जाना पड़ता है जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी राज कुमार, हरदेव सिंह, शमशेर सिंह आदि ने सरकार से गर्ल्स हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी का दर्जा देने की मांग उठाई है। उन्होंने बताया कि इस स्कूल में साढ़े चार सौ छात्राएं शिक्षा हासिल कर रही हैं जो चिनैनी के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों से आती हैं। छात्राएं बालवाटिका से 10वीं तक की पढ़ाई गर्ल्स हाई स्कूल में करती हैं लेकिन जब उन्हें 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करनी होती है तो हायर सेकेंडरी चिनैनी जाना पड़ता है।
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50 साल पहले मिला था हाई स्कूल का दर्जा
गर्ल्स हाई स्कूल चिनैनी वर्ष 1946 में प्राइमरी स्कूल के रूप में खुला था जिसे कुछ ही वर्षों बाद मिडिल किया गया। वर्ष 1976 में दर्जा बढ़ाकर इसे हाई स्कूल किया गया लेकिन आज तक इसे हायर सेकेंडरी का दर्जा नहीं मिल पाया। वार्ड नंबर सात में स्थित गर्ल्स हाई स्कूल में चिनैनी, टंडार, मादा, नगुलता, बेश्टी, डोगरा, पचौत व अन्य जगहों से छात्राएं पढ़ने के लिए हैं।

स्टाफ व कमरों की कमी
गर्ल्स हाई स्कूल चिनैनी में दो मास्टर ग्रेड व दो टीचर ग्रेड के पद खाली हैं जबकि स्कूल में चौथी श्रेणी कर्मियों की भी कमी है। इसके अलावा स्कूल 10वीं तक होने के कारण नौंवी व 10वीं की दो-दो सेक्शन हैं मगर कमरों की कमी बरकरार है। इससे छात्राओं को कई दिक्कतें पेश आती हैं। लोगों ने स्कूल में खेल ग्राउंड व अन्य सुविधाएं देने की मांग है।
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कोट..
डिप्टी सीईओ कल्पना जसरोटिया ने कहा कि शिक्षकों के खाली पदों को 31 मार्च के बाद भरने की उम्मीद है। गर्ल्स हाई स्कूल को गर्ल्स हायर सेकेंडरी करने को लेकर लिखा गया है अभी मंजूरी नहीं मिली है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी स्कूल का दर्जा बढ़ाया जाएगा ।
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