पुलिस महानिदेशक के. राजेंद्रा ने कहा कि आतंकियों की संख्या में रिकार्ड तोड़ कमी आई है। जम्मू कश्मीर में नब्बे के दशक में आतंकियों की संख्या पांच हजार पार कर चुकी थी। वर्तमान मेें 150-200 के करीब रह गई है। सुरक्षाबलों की मुस्तैदी व सरकार की राजनीतिक दृढ़ता के कारण यह कर्मी आई है।
शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी उधमपुर में पुलिस महानिदेशक के. राजेंद्रा ने जनरल पुलिस दरबार को संबोधित किया। करीब नौ सौ प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीरो टालरेंस के साथ आतंकियों के खिलाफ की गई सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण शांति स्थापित हुई है। इसमें जम्मू कश्मीर पुलिस की अहम भूमिका रही है।
राज्य में अब केवल 150-200 आतंकी ही मौजूद हैं, जिनसे सुरक्षा बल निपट रहे हैं और उनके खात्मे के लिए कार्य कर रहे हैं। इस दौरान विभिन्न कोर्स में प्रशिक्षण ले रहे डीएसपी, इंस्पेक्टर आदि रैंक के पुलिस अधिकारियों की समस्याओं को भी सूना गया और उन्हें मौके पर ही हल किया।
राजेंद्रा ने पुलिस जवानों को मुबारक बाद दी कि उनकी वजह से राज्य में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए। राज्य में पिछले साल बाढ़ के कारण कई लोग बेघर हो गए। उन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने व राहत मुहैया कराने के लिए पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। पुलिस के समक्ष चुनौतियों के बारे में भी बताया गया।
आतंकवाद के कारण पुलिस ने क्राइम जांच में ढील बरती। आतंकवाद को सफलतापूर्वक निपटाने के बाद अब क्राइम कंट्रोल पर ध्यान दिया जाएगा। नशा, घरेलू हिंसा, ट्रैफिक प्र्रबंधन, साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटना होगा। पुलिस का 19 वें शताब्दी मेें अलग भूमिका थी। अब 21 वीं शताबदी में चुनौतियां बढ़ गई है।
इस बदलाव के साथ ही पुलिस कर्मियों को भी अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा। इस दौरान पुलिस अकादमी के आईजीपी आर कुमार और एसएसपी शिव कुमार को बड़ा खाना आयोजित करने पर 50 हजार रुपये का चेक भी प्रदान किया गया।