किश्तवाड़। डीसी अशोक शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को एक बैठक हुई, जिसमें राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और अपडेशन की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मिशन मोड पर जमाबंदी, गिरदावरी और संबद्ध रिकॉर्ड की स्कैनिंग और अपडेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। तहसीलदारों से किश्तवाड़, पाडर, मचेल, वाढ़वन और नागसेनी से भूमि रिकॉर्ड मांगें गए और इसे आगे डिजिटलीकरण के लिए तुरंत सहायक राज्यस्व आयुक्त के कार्यालय में जमा करने को कहा। बैठक में लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों की भी समीक्षा की गई। इस बारे में बताया गया कि 55.4 कनाल आम भूमि का अतिक्रमण किया गया था, जिसमें से 32.12 कनाल को कब्जामुक्त करवा दिया गया है। इसी प्रकार 572 कनाल कचराई भूमि में से कुल 186.18 कनाल भूमि वापस ली गई है।
सहायक राजस्व आयुक्त किश्तवाड़, सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट मढ़वा और पाडर सहित सभी तहसीलदारों को लाभार्थियों को समय रहते डोमिसाइल प्रमाण पत्र की साप्ताहिक स्थिति को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। तहसीलदार किश्तवाड़ को समय पर निवारण के लिए लंबित राहत मामलों को प्रस्तुत करने के अलावा डूल इलाके में पशु चिकित्सा औषद्यालय के आवंटन के लिए भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीसी पवन कुमार, एसडीएम छात्रू इंद्रजीत सिंह परिहार, एसडीएम पाडर वरुणजीत सिंह चाढ़क, सहायक आयुक्त राजस्व डॉ. अमिर हुसैन आदि उपस्थित रहे।