किश्तवाड़। जिला विकास आयुक्त अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में शनिवार को जिला, क्षेत्रीय अधिकारियों की एक बैठक हुई। इसमें जिले के संबंध में दो साल के विजन ‘डॉक्यूमेंट’ तैयार करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान दो साल के विजन डॉक्यूमेंट के निर्माण के बारे में एक सूत्रीय चर्चा की गई। इसके अलावा प्रत्येक पंचायत में ड्राप बाक्स की स्थापना, जल जीवन मिशन, जिला पर्यावरण योजना, बैक टू विलेज प्रोग्राम के तहत कार्यों का परिपालन, अदालती मामलों को आगे बढ़ाने, पशु और भेड़पालन विभाग में कृत्रिम गर्भाधान डेटा अपलोड करने सहित फ्लैगशिप कार्यक्रमों के परिपालन में पेश आ रही बाधा को दूर करने पर चर्चा की गई।
डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने संबंधित क्षेत्रों से दो साल के विजन डॉक्यूमेंट को 2019 की 24 तारीख को या उससे पहले प्रस्तुत करें, जिसमें मोटे तौर पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विवरण हो। इसके साथ ही उन्होंने एक्सईएन पीएचई किश्तवाड़ को निर्देश दिए कि वे तीन चिन्हित ब्लाकों त्रिगाम, द्रबशाला, ठाकरई, में जल जीवन मिशन के तहत डीपीआर और अन्य आवश्यक दस्तावेज पूरे करें। इसके अलावा सभी संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए कि वे अपने विभागों से संबंधित अदालती मामलों को सख्ती से आगे बढ़ाएं ताकि विकास कार्य बाधित न हों। साथ ही जिला / क्षेत्रीय अधिकारियों को कार्यालयों के काम में गंभीरता, जवाबदेही और पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया ताकि परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हो सकें। इसके अतिरिक्त कृत्रिम गर्भाधान के डेटा को अपलोड करने, जागरूकता शिविरों का आयोजन करने और 31 मार्च 2020 से पहले कृत्रिम गर्भाधान के तहत निश्चित लक्ष्य को पूरा करने को सुनिश्चित करने के लिए संबधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को बीडीसी, सरपंचों और पंचों के साथ आपसी तालमेल और सहयोग सुनिश्चत करने को कहा ताकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य किए जा सकें। बैठक में एडीसी पवन कुमार परिहार, संयुक्त निदेशक योजना मोहम्मद इकबाल, एसीआर डॉ अमीर हुसैन के अलावा संबंधित जिला और क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।