उधमपुर। डीसी ने रविवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में डीसी ने आवंटित 300 कार्यों को एक सप्ताह के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा।
बैठक में विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें निविदा प्रक्रिया, पारंपरिक जल निकायों का नवीनीकरण, कार्यों का आवंटन, समय पर भुगतान, गुणवत्ता की जांच, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, आधार प्रमाणीकरण, आवास प्लस का पंजीकरण और सत्यापन, जल संरक्षण, जल संचयन, ग्रामीण कनेक्टिविटी और स्वच्छता विशेष तौर पर शामिल थे। मनरेगा के तहत निविदा प्रक्रिया और कार्यों के आवंटन की ब्लाक के हिसाब से प्रगति की समीक्षा करते हुए डीसी ने बीडीओ को आवंटित सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों और क्षेत्र के पदाधिकारियों को समर्पण और पारदर्शी तरीके से काम करने के लिए प्रेरित किया ताकि वांछित गुणवत्ता सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शीघ्र लाभ प्रदान करने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यों को पूरा किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को जिले में मनरेगा के तहत किए जा रहे सभी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया। एसीडी को गुणवत्ता और समय सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए चल रहे कार्यों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने और दैनिक आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। डीसी ने आवंटित 300 कार्यों को एक सप्ताह के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा। बैठक में सहायक आयुक्त विकास डॉ. रणजीत कोतवाल, कार्यकारी अभियंता आरईडब्ल्यू राम सिंह के अलावा सभी बीडीओ शामिल हुए।