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धूमधाम से मनाया गया गोस्वामी गुरु नाभा दास का प्रकाशोत्सव

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उधमपुर। गोस्वामी श्री गुरु नाभा दास का 484वां प्रकाशोत्सव कशीराह स्थित नाभादास मंदिर में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
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सुबह से ही कशीराह स्थित गुरु नाभा दास मंदिर में भक्तों का आना शुरू हो गया था। दिन के बढ़ने के साथ-साथ संख्या में इजाफा होता गया। उधमपुर के विभिन्न ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आई संगत ने मंदिर में माथा टेका और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि श्री गुरु नाभा दास ने भक्त माल का लेखन किया।
आठ अप्रैल, 1537 को तेलंगाना के खम्मम जिले के एक गांव में जन्मे गुरु नाभा दास के पिता राम दास और माता जानकी देवी भगवान राम के अनुयायी थे। उनके माता-पिता महाशा समुदाय के थे और जीविका कमाने के लिए लकड़ी और बांस की टोकरियां बनाते थे। हर साल उनके प्रकाशोत्सव पर भव्य समारोह व शोभायात्रा का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना के चलते शोभायात्रा का आयोजन नहीं किया गया है। मंदिर में भी आयोजित समारोह में कोविड-19 के सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया गया।
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