कटड़ा। जीवन में गुरु के पदार्पण से ही वसंत है, वर्ना तो बस अंत ही जानो। यह संदेश स्वामी राजेश्वरानंद ने भूमिका मंदिर के पास नल्लेया स्थित श्री राजमाता आश्रम शनि मंदिर के वार्षिकोत्सव में कही।
सद्गुरु राज दरबार के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि स्वामी राजेश्वरानंद के सान्निध्य में श्री राजमाता जी आश्रम शनि मंदिर वार्षिकोत्सव के तीसरे दिन भक्तों ने हवन यज्ञ में आहुतियां डालीं। श्रद्धालुओं ने मस्तक पर तिलक, कलाई पर रक्षासूत्र बांधते हुए हलवा चने के प्रसाद के साथ उपहार एवं दक्षिणा देकर कन्या पूजन करके आशीर्वाद प्राप्त किया। कन्या पूजन के बाद ढोल बाजे के साथ भजन कीर्तन करते हुए शनि मंदिर नलेय्या से भूमिका मंदिर तक नगर कीर्तन निकाला गया। दरबार की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया।