रामनगर के वार्ड नंबर 3 में सोमवार को रहस्यमय परिस्थितियों में एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक कुलदीप कुमार (29) पुत्र वाजा राम निवासी अमरोह शव का पोस्टमार्टम करवा कर संदिग्ध मौत का केस दर्ज किया। हालांकि परिवार के लोग इसे हत्या मान रहे हैं।
कुलदीप की मौत की सूचना मिलते ही उसके रिश्तेदारों के साथ बड़ी संख्या में गांव वाले रामनगर पहुंच गए। अमरोह गांव के सरपंच शंकर सिंह का कहना था कि कुलदीप की मृत्यु की जांच किसी एजेंसी से होनी चाहिए। जिन लोगों ने भी कुलदीप की हत्या की है, उनको सख्त सजा मिलनी चाहिए।
सरपंच का कहना था कि अगर कुलदीप ने फंदा लगाकर अपनी जान दी है तो उसका शव विस्तर पर कैसे पड़ा हुआ था। वहीं कुलदीप की मां प्रतिमा ने कहा कि कुलदीप दो दशक से रामनगर में एक दुकानदार के पास नौकरी करता था। सोमवार की सुबह कुलदीप का शव भी उन्हीं के घर से मिला।
मां का आरोप है कि दुकानदार ने कुलदीप को कोई वेतन नहीं दिया। जब भी वह वेतन मांगता था तो उसको बोला जाता था कि उसको एक मकान बना कर देंगे। मगर यह सब झूठ था। अब जब पूरी नौकरी का हिसाब मांगा तो उसकी हत्या कर दी गई। कुलदीप के भाई देवी दयाल का कहना था कि भाई की मौत की जांच होनी चाहिए।
दुकानदार का कहना था कि कुलदीप ने फंदे से लटक कर अपनी जान दी है, लेकिन कुलदीप को फंदे से लटका किसी ने नहीं देखा। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव विस्तर पर पड़ा हुआ था। अस्पताल में गुस्साई भीड़ ने दुकानदार के साथ धक्का-मुक्की भी की।
मौके पर पहुंचे एसडीपीओ दीपक डिंगरा, थाना प्रभारी इरफान परवेज ने गुस्साई भीड़ को किसी तरह से शांत किया और आश्वासन दिया कि कुलदीप की मृत्यु की जांच निष्पक्षता से होगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने फिलहाल दुकानदार सहित दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।