प्रेम प्रसंग में पति की हत्या के मामले में प्रिंसिपल सेशन जज एसआर गांधी ने वीरवार को महिला व उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा मुकर्रर की। इसके साथ ही अन्य आरोपियों पर पांच हजार का जुर्माना किया। केस के अनुसार नजीर अहमद निवासी डंडावास बठोई किसी बीमारी की वजह से बिस्तर पर था।
इसी दौरान उस की पत्नी जान बीबी उर्फ जामी के अवैध संबंध अब्दुल रशीद निवासी नाडवास बठोई माहौर के साथ स्थापित हो गए। दोनों को बीच बढ़ता प्रेम प्रसंग दिन प्रतिदिन और भी प्रगाढ़ होता गया। अवैध संबंधों की बुनियाद पर टिका ये रिश्ता प्रेमिका के पति के कत्ल के साथ ही समाप्त हुआ। जब एक दिन महिला के प्रेमी ने नजीर अहमद को बिस्तर पर लेटे देख कर उसे मारने की ठानी व इस काम में उसकी मदद की जान बीबी ने।
जब दोनों ने मिलकर नजीर अहमद का गला दबा कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मौत के बाद हरकत में आई पुलिस ने माहौर थाने में इस संदर्भ में एफआईर नंबर 18/2012 अंडर सेक्शन 302/201/34 आरपीसी के तहत केस दर्ज किया। शुरुआती जांच रिपोर्ट व लोगों से की गई पूछताछ में पत्नी व उसके आशिक पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई।
कड़ी कार्रवाई के दौरान दोनों ने इकबाल-ए-जुर्म किया कि उन दोनों ने मिल कर नजीर अहमद को मौत के घाट उतारा था। एडवोकेट मदन मोहन शर्मा ने स्टेट तथा एडवोकेट राकेशजीत सिंह ने आरोपियाें की तरफ से दलीलें पेश की।