दहेज के लिए प्रताड़ित कर घर से निकाली गई महिला ने वुमल सेल के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने आरोपी पति, सास और ननद को बचाने के लिए उसकी शिकायत देरी से दर्ज की और पति ने पुलिस स्टेशन जाए बिना ही अग्रिम जमानत भी ले ली है। पुलिस आरोपी को बचाने का पूरा प्रयास कर रही है। वहीं वुमन सेल की इंचार्ज ऊषा महाजन ने आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है।
रेणुका ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उसकी शादी रौन दोमेल में रहने वाले कुलदीप के साथ हुई थी। शादी के 15 दिन के बाद ही दहेज की मांग पर को लेकर उसके पति और परिवार के अन्य सदस्यों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। पति और सास कार, गहनें और कई तरह की मांग कर रहे हैं। उसने कई बार ससुराल वालों को बताया कि उसके पिता विकलांग हैं।
वह उनकी मांग पूरी नहीं कर सकते। एक वर्ष तक उसको बार-बार दहेज की मांग पर प्रताड़ित किया गया। शुक्रवार को पति, सास और ननद ने उसको घर से मारपीट कर निकाल दिया। उसने आदर्श कालोनी में माता-पिता के घर पहुंच कर पूरी बात बताई, जिसके बाद उसको उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। जब अस्पताल वालों को पता चला तो पुलिस को सूचित करने को कहा गया।
उन्होंने इसकी शिकायत रौन दोमेल पुलिस चौकी में की और चौकी के अधिकारियों ने उसके मामले को वुमेल सेल उधमपुर में रेफर कर दिया। उसने पूरी शिकायत लिख कर वुमेन सेल के अधिकारी को दी, लेकिन उसने लिखित शिकायत लेने से मना कर दिया। अधिकारी का कहना था कि शिकायत बहुत लंबी लिखी गई है। इसको छोटे तरीके से पुलिस के मुताबिक उर्दू में लिखवा कर लेकर आए।
पुलिस कार्रवाई कर रही है। वुमेन सेल में 498ए/323 आरपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। आज महिला के पति को बुलाकर पूछताछ की गई है।
-उषा महाजन, इंचार्ज, वुमेन सेल
अगर एफआईआर दर्ज करने में देरी या फिर लापरवाही की गई है तो इसकी पूरी जांच की जाएगी। जरूरी पड़ी तो आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
-शैलेंद्र मिश्रा, एसएसपी, उधमपुर