प्रिंसिपल सेशन जज रियासी एसआर गांधी द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के एक आरोपी को दस वर्ष की सजा सुनाई, वहीं उसका सहयोग करने वाले एक अन्य पुरुष महिला को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई गई।
केस के मुताबिक चौदह वर्षीय नाबालिग आठ अप्रैल 2011 को अपने घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसके घर पर बाबा मोड़ अरनास निवासी महिला वीना देवी पत्नी तीतरू आई। उसको बहला-फुसला कर अपने साथ बाहर सड़क मार्ग पर ले गई।
बाहर पहले से मौजूद युवक बिट्टू के साथ मिलकर नाबालिग को जबरदस्ती मारुति कार नंबर जेके14-5220 में बिठा दी। उसके बाद कार सवार युवक सुशील कुमार उर्फ शिशु निवासी कोटली डीडी लड़की को अरनास के जंगलों में ले गया। वहां पर उसके साथ पांच-छह दिनों तक दुष्कर्म करता रहा
बाद में पंद्रह अप्रैल को नाबालिग बरामद हुई। बाद में चले केस में कोर्ट ने पाया कि युवक ने दुष्कर्म जैसे घृणित कार्य को अंजाम दिया है और नाबालिग के खेलने-कूदने के दिनों में उसको पीड़ा दी। प्रिंसिपल सेसन जज एसआर गांधी ने पब्लिक प्रोसिक्यूटर एमएम शर्मा की दलीलों को सुनने के बाद पाया कि आरोपी द्वारा गलत काम को अंजाम दिया गया है।
उसके बाद उनके द्वारा आरोपी सुशील कुमार को धारा 376 के तहत दस वर्ष की सजा सुनाई और दस हजार रुपये जुर्माना भी किया। इसके अलावा जज ने आरोपी को धारा 363 के तहत तीन वर्ष की सजा सुनाई। आरोपी की दोनों सजाएं एक साथ चलेगी। केस के दौरान आरोपी लगभग चार वर्ष दो महीने जेल में रहा था, जिसको दी गई सजा में गिना जाएगा।
वहीं जज ने अन्य दोनों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई। उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया। क्षेत्र में चर्चित रहे इस केस को पुलिस स्टेशन कटड़ा में अंडर सेक्शन 363, 376, 201, 109 आरपीसी के तहत दर्ज किया गया था।