शहर में नो पार्किंग में लगने वाले वाहनों के कारण हो रही परेशानी को देखते हुए। जिला पुलिस ने ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। इसके चलते पुलिस प्रशासन ने उधमपुर के इतिहास में पहली बार शहर को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए घुड़सवार पुलिस दस्ते को तैनात किया है।
शेर-ए-कश्मीर पुलिस एकेडमी के डायरेक्टर आईजी राजेश कुमार और आईजी मौजूदा उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी सुरेंद्र गुप्ता ने 12 घुड़सवार पुलिस के दल को हरी झंडी दिखाकर शहर की ओर रवाना किया।
उधमपुर पुलिस स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत एसएसपी शैलेंद्र मिश्रा ने की। उनके साथ जिला विकास आयुक्त नीरज कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित थे। मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और विदेशों की तरह उधमपुर जिले में भी पहली बार माउंटेड पुलिस दल की तैनाती की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस एकेडमी के निदेशक राजेश कुमार द्वारा इस प्रयास को सफल बनाया गया है। शुरुआती दौर में यह घुड़सवार शहर के पार्किंग स्थलों पर यलो लाइन के बाहर खड़े वाहनों चालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। कार्यक्रम में डिप्टी एसपी अरुण जंवाल, डिप्टी एसपी एसएस बलोरिया, थाना प्रभारी ओपी चिब सहित भारी संख्या में पुलिस अधिकारी, जवान एवं शहरवासी मौजूद थे।
ऐसे काम करेंगे घुड़सवार
यलो लाइन के बाहर खड़े वाहनों को वहां से हटाने के लिए चालकों को दो एनाउंसमेंट के माध्यम से घुड़सवार चेतावनी देंगे। उसके बाद भी वाहन नहीं हटाए जाने पर उस वाहन पर पार्किंग टिकट लगा दिया जाएगा। उसके बाद घुड़सवार गाड़ी के नंबर और वाहन पर लगी पार्किंग टिकट का फोटो खींचकर अपने पास रख लेगा। टिकट पर साफ चेतावनी दी गई होगी कि पंद्रह दिनों के भीतर एसएसपी कार्यालय पहुंचकर जुर्माना का भुगतान करें।
ऐसा नहीं करने वालों के लिए 187 मोटर व्हिकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत तीन माह की जेल या जुर्माना या फिर दोनों भुगतने पड़ सकते हैं। कोई बार-बार ऐसा करता है कि तो उसका लाइसेंस, वाहन के कागज आदि रद्द किए जा सकते हैं। यह नियम 25 नवंबर से लागू हो जाएगा।