भद्रवाह, उधमपुर और रामबन में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में कुल पांच लोगों की मौत हो गई। बैसाखी के त्योहार पर हुए इन हादसों ने त्योहार की खुशियांे पर पानी फेर दिया। सबसे दर्दनाक हादसा भद्रवाह में हुआ।
नागनी माता मंदिर में बैसाखी पर आयोजित मेले से लौटते समय एक वैन के खाई में गिरने से उसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में देसराज पुत्र चूडू राम, ओमकार सिंह पुत्र रूपचंद राजेंद्र कुमार पुत्र ठाकुर दास शामिल हैं। सभी चक्का मंथला के निवासी हैं।
भद्रवाह से लगभग 15 किमी दूर मंथला में मारूति वैन नंबर जेके06-1719 मंथला में शाम साढ़े आठ के करीब 50 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें पांच लोग सवार थे। इन पांचों को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल में पहुंचाया गया। जिनमें से तीन को मृत घोषित कर दिया गया।
घायलों में बबलू कुमार पुत्र जसवंत सिंह और अरूण कुमार पुत्र गिरधारी लाल निवासी चक्का मंथला शामिल हैं। देर रात तक यह पता नहीं चल पाया था कि वैन का चालक कौन था। अंदेशा जताई जा रही थी कि हो सकता है मृतकों में ही कोई चालक हो। दूसरी आशंका यह भी थी कि चालक कहीं आसपास गिरा पड़ा न हो। इसके चलते देर रात को भी घटनास्थल पर तलाशी की जा रही थी।
जम्मू-राष्ट्रीय राजमार्ग पर केला मोड़ के पास एक एलपीजी से भरा एक ट्रक करीब तीन सौ गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में उसके चालक की मौत मौके पर ही हो गई। हालांकि घ्ाटना की जानकारी मिलते ही वहां पंहुची पुलिस ने बचाव कार्य किया। लेकिन चालक की मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि ट्रक गैस लेकर जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। चालक की पहचान शमशेर सिंह निवासी सिंबल मोड़ तहसील आरएसपुरा के रूप में हुई है।
उधमपुर शहर के साथ लगते रठियान इलाके में वीरवार शाम को महेंद्रा वाहन की टक्कर से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पहुंचा दिया है। साथ ही टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश शुरू कर दी है। इस दुर्घटना के बाद रठियान के लोगों में ट्रैफिक पुलिस के प्रति रोष बढ़ गया है।