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सरपंच व पूर्व सरपंच समर्थकों के साथ आपस में भिड़े

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उधमपुर/जिब। डिग्री कालेज नीली नाला की जमीन को लेकर मंगलवार दोपहर को नीली नाला पंचायत के सरपंच व पूर्व सरपंच अपने समर्थकों के साथ आपस में भिड़ गए। इसमें दोनों के समर्थक घायल हुए। दोनों पार्टियों ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस स्टेशन रैंबल में हमला करने का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया है। वहीं सरपंच के समर्थकों ने इसकी सूचना मिलने के बाद जिब- नीली नाला मार्ग को बंद कर टायर जलाकर प्रदर्शन किया।
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जानकारी अनुसार मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बैक टू विलेज अभियान के तहत प्रशासन के अधिकारियों की एक टीम नीली नाला में पहुंची और डिग्री कॉलेज की जमीन को लेकर चर्चा शुरू हुई। इसी बीच नीली नाला के सरपंच मनोहर लाल और पूर्व सरपंच लाल चंद के बीच जमीन केे लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों अपने समर्थकों के साथ भिड़ गए और उनमें मारपीट हो गई। इसमें दोनों तरफ के समर्थक घायल भी हुए। इसी बीच पूर्व सरपंच अपने बेटे को घायल अवस्था में साथ लेकर जिला अस्पताल पहुंचा और एमएलसी करा कर इसकी शिकायत पुलिस से करी। मारपीट की सूचना मिलने के बाद सरपंच के समर्थकों ने जिब-नीली नाला मार्ग को बंद कर और टायर जलाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के बाद मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। जब पुलिस को इसकी सूचना मिली तो रैंबल पुलिस से एक टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को शांत करने लगी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूर्व सरपंच ने सोची समझी साजिश के तहत सरपंच पर हमला किया है। उनकी मांग है कि पूर्व सरपंच व उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करते हुए कहा कि अगर वह चाहते हैं कि पुलिस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे तो पहले सबको इसकी शिकायत पुलिस स्टेशन में जाकर करनी होगी। उसके बाद ही पुलिस कोई कार्रवाई कर सकती है। पुलिस के समझाने के बाद सरपंच मनोहर लाल ने भी पुलिस स्टेशन जाकर हमले की शिकायत दर्ज की। पुलिस ने दोनों तरफ से शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
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इनसेट
कॉलेज की जमीन पर अपना हक जता रहे सरपंच व पूर्व सरपंच
सूत्रों के अनुसार जिस जमीन पर डिग्री कॉलेज नीली नाला की इमारत बननी है, उस पर सरपंच व पूर्व सरपंच अपना हक जता रहे हैं। बैक टू विलेज अभियान के तहत जब राजस्व विभाग के कर्मचारी जमीन की निशानदेही करने लगे तो सरपंच व पूर्व सरपंच समर्थकों में विवाद हो गया। सूत्रों के अनुसार जिस जमीन पर कॉलेज की इमारत बननी है, वह स्टेट लैंड हैं।
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