कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने जिले के सभी दुकानदारों और उनके कर्मचारियों के लिए हेल्थ कार्ड योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सभी दुकानदारों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हेल्थ कार्ड बनाए जाएंगे और इन कार्ड में दुकानदारों का हर महीने कोरोना टेस्ट करवाने का रिकार्ड दर्ज किया जाएगा। प्रशासन इस योजना के जरिए कोरोना की तीसरी लहर को आने से रोकने का प्रयास कर रहा है।
अनलॉक के तहत प्रशासन की तरफ से जिले में सभी दुकानों को खोलने के साथ यात्री वाहनों की आवाजाही को शुरू कर दिया गया है। रेहड़ी व फड़ी वालों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। ज्यादातर गतिविधियों के शुरू होने के बावजूद जिले के विभिन्न हिस्सों में कुछ लोग कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। इसके साथ अभी भी कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका बनी हुई है।
तीसरी लहर आने से रोकने को प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। इसी को लेकर अब प्रशासन ने हेल्थ कार्ड योजना शुरू कर की है। इस योजना के तहत हर महीने जिले के शहर व ग्रामीण इलाकों में स्थित दुकानों के दुकानदारों और उनके कर्मचारियों के कोरोना टेस्ट करवाए जाएंगे। यह इनके लिए हर हाल में अनिवार्य होगा। दुकानदारों के कोरोना संक्रमण से मुक्त होने पर ही ग्राहक भी संक्रमण से मुक्त रह सकते हैं और संक्रमण के फैलने की आशंका कम होगी।
हेल्थ कार्ड में दर्ज किया जाएगा कोरोना टेस्ट का रिकार्ड
दुकानदारों और कर्मचारियों को कोरोना टेस्ट केवल आरटीपीसीआर ही करवाने होंगे। इनके टेस्टिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग अलग से व्यवस्था करेगा और इनमें हर रोज दुकानदार टेस्ट करवा सकेंगे। यह हेल्थ कार्ड स्वास्थ्य विभाग ही उपलब्ध करवाएगा। हेल्थ कार्ड में कोरोना टेस्ट की एंट्री की जाएगी। दुकानदारों को इसके लिए जल्द संपर्क करने को कहा गया है। आदेश मिलने के बाद दुकानदारों ने इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ संपर्क करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में यही कार्ड यात्री वाहनों चालकों और कंडक्टर के लिए भी जारी हो सकता है।