- 30 सितंबर तक जारी रहे अभियान, जिला एवं तहसील कोर्ट में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करने का प्रयास होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देश पर जिला अदालत परिसर सहित विभिन्न तहसील स्तरीय न्यायालयों में एक जुलाई से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान की शुरूआत की गई। इसके माध्यम से समय पर न्याय दिया जाएगा। दंपती विवाद, घरेलू हिंसा, वित्तीय लेनदेन आदि मामलों का मौके पर निपटारा किया जाएगा।
यह जानकारी जिला प्रमुख एवं सत्र न्यायाधीश वरिंद्र सिंह बाउ ने शुक्रवार को दी। जिला जज ने बताया कि मध्यस्थता के दौरान अगर कोई भी मामला दोनों पक्षों की मौजूदगी में हल कर दिया जाता है तो उस मामले को लेकर अदालत में दोबारा से अपील नहीं की जा सकती। इस अभियान के माध्यम से कई विवादों को सुलझाया जाता है और दोनों पक्षों की दूरियों को खत्म कर दिया जाता है। इससे समय और पैसे की भी बचत होती है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लगातार बढ़ते मामलों का समय पर निपटारा और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना है। अदालतों में लगातार बढ़ते मामलों की वजह से समय की कमी के कारण कई मामलों का समय पर निपटारा नहीं हो पाता और मामलों की लंबित रहने की वजह से न्याय प्रक्रिया में भी देरी होती है। ऐसे समय में मध्यस्थता प्रक्रिया काफी कारगर साबित होती है।
इसी उद्देश्य से उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देश पर इस अभियान की शुरुआत की गई है। इसमें वैवाहिक संबंधों से जुड़े विवाद, घरेलू हिंसा, लेनदेन से जुड़े समझोते, चेक बाउंस, व्यवसायिक विवाद, वित्तीय विवाद, कर्ज आदि से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाएगा।
इसमें प्रत्येक स्तर पर पीठासीन अधिकारी के नेतृत्व में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करने की कोशिश की जाएगी।