रियासी जिले में मोमबत्तियां जला कर एकजुटता का संदेश देता परिवार। संवाद
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उधमपुर। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद रविवार रात को देविकानगरी के लोगों ने अपने घरों के दरवाजे व बालकनी में खड़ा होकर घर की लाइटों को बंद करके दीप, मोमबत्ती, मोबाइल की फ्लैश लाइटें जलाकर कोरोना के संकट में बनी निराशा को दूर करने के लिए आशा के दीप जलाए। उत्साह के साथ शहरवासियों ने इसमें सहयोग किया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री अपने संबोधन में घरों के बाहर दीपक, मोमबत्ती व टार्च जलाने को लेकर आह्वान किया था। उन्होने कहा था कि मैं चाहता हुं कि आप सभी रविवार को मुझे अपने नौ मिनट दें। इस नौ मिनट में अपने घरों की लाइटों को बंद कर घर के दरवाजे और बालकनी में दीपक, मोमबत्ती जलाएं, टार्च या फिर मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाएं। इसके बाद लोग इसकी तैयारियों में जुट गए थे। रविवार रात को जैसे ही नौ बजे तो लोगों ने अपने घरों की लाइटों को बंद दिया। कुछ ने तो नौ बजने से पहले ही लाइटों को बंद कर दिया था। इसके बाद सभी ने अपने घरों के बाहर, दीपक, मोमबत्तियां जलाई, टार्च और मोबाइल फोन की फ्लैश लाइटें जलाई। करीब दस मिनट तक शहर के अंदर लाइटें जलती रही और शहर के अंदर एक अजीब सा नजारा देखने को मिला। इसमें हर आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
शहरवासियों का कहना था कि आज सभी ने दीपक, मोमबत्तियां जलाकर कोरोना योद्धाओं को हौसला बढ़ाने के साथ कोरोना वायरस से उपजे निराशा के अंधकार को मिटाने का प्रयास कर रहे हैं। आशा के दीप जलने से कोरोना की निराशा जरूर दूर होगी। इसके साथ संदेश दिया है कि इस मुश्किल हालात में पूरा देश एक साथ खड़ा है।
उधमपुर के चिनैनी में प्रधानमंत्री के आह्वान पर कोरोना वायरस से लड़ने में दीये जला कर एकजुटता का स- फोटो : UDHAMPUR