उधमपुर। शहर के सबसे व्यस्त मुख्य बस स्टैंड मार्ग पर नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विडंबना यह है कि यह लापरवाही जिला पुलिस थाने और महिला थाने की चाहरदीवारी के निर्माण कार्य के दौरान बरती जा रही है। पिछले एक सप्ताह से सड़क किनारे बिखरे मलबे और निर्माण सामग्री ने मार्ग एक्सीडेंट जोन में तब्दील हो गया है लेकिन संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।
लोक निर्माण विभाग की ओर से लगभग दो सप्ताह पहले थानों की बाउंड्री वॉल का काम शुरू किया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्य शुरू करते समय यातायात सुचारु रखने या आम आदमी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा। शहीदी स्मारक से बस स्टैंड को जोड़ने वाले मार्ग पर बजरी और पत्थरों के ढेर लगे होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा हर पल बना रहता है।
200 बसों और हजारों राहगीरों का मुख्य रास्ता
यह मार्ग शहर की लाइफलाइन है। यहां से प्रतिदिन विभिन्न रूटों की करीब 200 बसें स्टैंड में प्रवेश करती हैं। इसके अलावा आदर्श कॉलोनी, सलाथिया चौक, कोर्ट परिसर और प्रशासनिक कार्यालयों के लिए हजारों लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। सड़क पर फैले मलबे के कारण न केवल जाम की स्थिति बन रही है बल्कि पैदल चलने वालों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि जिस मार्ग पर खुद पुलिस प्रशासन और नगर परिषद की मौजूदगी है, वहां हफ्तों से मलबा पड़ा होने के बावजूद किसी ने सुध नहीं ली। न तो यातायात पुलिस और न ही नगर परिषद ने निर्माण एजेंसी पर सख्ती दिखाई है।
समस्या को लेकर संबंधित निर्माण एजेंसी से बात की जाएगी। जल्द मलबे और निर्माण सामग्री को मार्ग से हटाने के लिए कहा जाएगा ताकि वहां से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े।
-प्रहलाद शर्मा, डीएसपी, जिला मुख्यालय।