उधमपुर। देविका नदी की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के लिए लगभग 186 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत घाटों को सुंदर बनाया गया और सौंदर्यीकरण पर काम किया गया। लेकिन, घाटों से पीछे नदी में सैकड़ों टन कचरा जमा है। इस पर कोई ध्यान नहीं जा रहा। नगर परिषद कहती है कि इसके लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। उन्हें नदी में कचरा नहीं फेंकना चाहिए।
शहरवासियों के अनुसार हाउसिंग कॉलोनी इलाके की गंगेडा पहाड़ी को देविका नदी का उद्गम स्थल माना जाता है, जो देविका घाट से मात्र तीन से चार किलोमीटर दूर है। इसी दूरी के बीच नदी में सैकड़ों टन कचरा जमा रहता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि जिस पानी से देविका घाटों पर श्रद्धालु नहाते हैं और पूजा करते हैं, वह पानी घाटों से पीछे नदी में पड़े कचरे से गुजरकर पहुंचता है। लेकिन, घाटों की चमक दमक के आगे लोग इस बात को भूल जाते हैं।
देविका के मुख्य घाट से ऊपर हाउसिंग कॉलोनी तक नदी में सीधे तौर पर फेंके जाने वाली गंदगी की रोकथाम को लेकर नगर परिषद ने अभी तक कोई काम नहीं किया है। इसके कारण आज भी नदी में मुख्य घाट से ऊपर का हिस्सा किसी नाले जैसा लगता है। इससे श्रद्धालुओं की आस्था को चोट लगती है।
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कुछ समय पहले पूर्व डीसी को साथ लेकर देविका के उद्गम स्थल तक का दौरा करवाया था, ताकि सिरे से देविका को स्वच्छ बनाया जा सके। इसमें डीसी ने सहायता भी की थी। उनके स्थानांतरण के बाद इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हम लोगों को उत्सवों पर देविका नदी में पॉलिथीन व कचरा डालने से तो रोकते हैं। लेकिन, इसके पिछले हिस्से पर डाली जा रही गंदगी को रोकना हमारे बस में नहीं।
- महेश बनाथिया, टीम देविका के सदस्य
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केवल घाट के सौंदर्यीकरण का कोई औचित्य नहीं, जब इसके पीछे के हिस्से पर गंदगी की रोकथाम को लेकर जरूरी कदम न उठाए जाएं। देविका को मां के रूप में पूजा जाता है। लेकिन, इतना पैसा खर्च करने के बावजूद इसकी दुर्दशा में जरा भी सुधार नहीं हुआ। देविका मैया की हालत देखकर आस्था को चोट लगती है। प्रशासन से अपील है कि सिरे से स्वच्छता पर ध्यान दिया जाए।
- केशव शर्मा, स्थानीय
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देविका परियोजना का मूल उद्देश्य देविका नदी की पवित्रता और स्वच्छता पर काम करना था। लेकिन, इस परियोजना का बड़ा हिस्सा सीवरेज पर और कुछ इसके घाटों के सौंदर्यीकरण पर खर्च कर दिया गया। जबकि, देविका नदी आज भी गंदगी के भरी पड़ी है। इसमें सीधे तौर पर फेंकी जाने वाले गंदगी की रोकथाम को लेकर अभी तक कोई काम शुरू नहीं किया गया है।
- मन्नत खजूरिया, स्थानीय
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देविका परियोजना के पूरा होने के बाद सारी समस्या से राहत मिल जाएगी। अभी परियोजना पर काम चल रहा है। इसके पूरा होने पर शहर के विभिन्न हिस्सों से देविका में गिरने वाले नालों को बंद किया जाएगा। वहीं, सीधे तौर पर नदी में गंदगी फेंकने वाले लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। देविका नदी सभी की आस्था से जुड़ी है। इसे साफ और स्वच्छ बनाए रखना सभी का कर्तव्य है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष, उधमपुर