उधमपुर। जिला प्रशासन ने बाल शोषण और बाल श्रम के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बचाव अभियान चलाया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी कनिका गुप्ता के मार्गदर्शन में गठित विशेष दल ने विभिन्न दुकानों और ढाबों पर अचानक छापा मारा। इस दौरान एक प्रतिष्ठान से बाल श्रम से नाबालिग लड़के को मुक्त कराया गया।
बच्चे को तत्काल पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल देखभाल संस्थान पलाश में अस्थायी आश्रय दिया गया है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाबालिग को काम पर रखने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त टीम में श्रम अधिकारी, बाल सहायता लाइन के समन्वयक, परामर्शदाता, सामाजिक कार्यकर्ता, चिकित्सा कर्मचारी और पुलिस बल शामिल थे। प्रशासन ने दोहराया कि जिला उधमपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए ऐसे नियमित अभियान जारी रहेंगे।