संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर। कस्बे के बस अड्डे पर आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न होने के कारण नगर पालिका ने मंगलवार को रेहड़ी-फड़ी वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। बस अड्डे पर मार्ग किनारे लगे दो अवैध रूप से खोखों को जेसीबी से तोड़कर हटाया गया।
मंगलवार दोपहर बारह बजे के बाद नगर पालिका के इंचार्ज बीडीओ सतपाल टीम के साथ बस अड्डे पर पहुंचे और वहां पर मार्ग के किनारे लगे दो खोखो के ऊपर पीला पंजा चलवाया। इस दौरान बस अड्डे पर लगी बिना लाइसेंस वाली और लाइसेंस वाली रेहड़ी धारक अपनी रेहड़ियां लेकर भाग निकले। उल्लेखनीय है कि रामनगर बस अड्डे पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी जिसके चलते सभी वाहन चालक और राहगीरों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
तीन माह पहले इस समस्या को लेकर रामनगर एसडीएम राजेंद्र सिंह ने सभी रेहड़ियों को रेहड़ी जोन में भेजने की पहल शुरू की थी, लेकिन रेहड़ी धारकों का कार्य वहां पर नहीं चल सका और धीरे-धीरे सभी रेहड़ियां वापस बस अड्डे तथा मुख्य बाजार में आना शुरू हो गईं। बस अड्डे पर पिछले एक माह से जाम की स्थिति बढ़ गई थी। मंगलवार को बस अड्डे पर लगभग 50 रेहड़ियों के खिलाफ नगर पालिका ने कार्रवाई शुरू की। टीम के जाने के बाद दोपहर तीन बजे तक बस अड्डे पर रेहड़ी धारकों ने फिर से कब्जा जमाना शुरू कर दिया।
बीडीओ सतपाल ने बताया कि यह अभियान अब रोज चलाया जाएगा, जब तक सभी रेहड़ियां रेहड़ी जोन में नहीं चली जातीं। मंगलवार सभी रेहड़ी धारकों को निर्देश दे दिए गए हैं कि बस अड्डे पर कोई भी रेहड़ी नहीं लगाएगा। जो भी वहां पर दिखाई दिया उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, जनता का कहना था कि यह महज औपचारिकता है या सच में अतिक्रमण अभियान चलेगा, यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नगर पालिका सच में रामनगर को सुंदर बनाना चाहती है तो सबसे पहले रामनगर के बस अड्डे में हुए अतिक्रमण को हटाए ताकि आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिल सके। अतिक्रमण हटाते समय किसी से भी कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।