फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: श्रवण की मौत पर बहे आंसू, ताड़का वध देख भयभीत हुए बच्चे

विज्ञापन
विज्ञापन
रियासी। यहां ओपन एयर थिएटर में जारी रामलीला में शुक्रवार रात को कई दृश्यों का मंचन किया गया।
विज्ञापन

रामलीला की शुरुआत आरएसएस के राष्ट्रीय विभाग प्रचारक अविनाश ने श्री दुर्गा नाटक मंडली के चेयरमैन सुदेश कुमार पंडोत्रा और प्रधान संजीव खजूरिया व अन्य लोगों की उपस्थिति में ज्योत प्रज्वलित कर करवाई। शुक्रवार रात को पहला दृश्य श्रवण कुमार का हुआ। इसमें श्रवण कुमार अपने अंधे माता पिता को चार धाम की यात्रा के लिए कंधे पर बिठाकर निकला है। एक स्थान पर प्यास लगने पर श्रवण कुमार पानी लाने के सरयू नदी के किनारे जाता है, जहां पर किसी जंगली जानवर के लिए राजा दशरथ के हाथों छोड़े गए तीर लगने से वह मारा जाता है। श्रवण की मौत के बाद राजा दशरथ को भी आघात लगता है। वह रोते हुए श्रवण से माफी मांगते हैं। श्रवण के अंधे माता पिता राजा दशरथ को भी पुत्र वियोग होने का श्राप देते हैं। मार्मिक दृश्य को देखकर लोगों ने दृश्य में कलाकारों के अभिनय की खूब तारीफ की। रामलीला में दूसरा दृश्य विश्वामित्र की तपस्या और हवन को राक्षस की तरफ से बाधित करने का दिखाया गया। मौके पर आए राक्षस पूजा में विघ्न डालते हैं और सारा सामान तहस नहस कर देते हैं। इसके बाद परेशान विश्वामित्र राजा दशरथ के पास जाते हैं और ताड़का और अन्य राक्षसों का वध करने के लिए राम लक्ष्मण को अपने साथ जाने के कहते हैं। बाद ने ताड़का और उसके साथी राक्षसों का राम लक्ष्मण के हाथों मारे जाने का दृश्य मंचित किया गया। इसमें ताड़का को देख बच्चे भयभीत हो गए। ताड़का के मारे जाने के साथ ही पूरा पंडाल जय श्री राम के जयघोष से गूंज उठा। नवरात्रि में रोजाना रामलीला का मंचन श्री दुर्गा नाटक मंडली की ओर से करवाया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें