- प्रशासन और बस ऑपरेटरों में ठनी, दो दिन के भीतर उचित समाधान का अल्टीमेटम
उधमपुर। रामनगर-बसंतगढ़ रूट की बसों के मार्ग परिवर्तन को लेकर प्रशासन और बस ऑपरेटरों के बीच ठन गई है। बस स्टैंड यूनियन ने वर्तमान जिला उपायुक्त से पूर्व डीसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि दो दिन के भीतर उचित समाधान नहीं निकला तो वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
बस स्टैंड के प्रबंधक नासिर खान के अनुसार डीसी सलोनी राय ने स्थानांतरण से एक दिन पहले आदेश जारी किया था। इसके तहत रामनगर, बसंतगढ़, चनूंनता और कघोट रूट की बसें कारगिल हनुमान मंदिर के पास नए बस स्टैंड से जखैनी के रास्ते चलेंगी। इन बसों को शहर के बीचों-बीच दोमेल से धार रोड (सलाथिया चौक) में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का यह फैसला शहर में बढ़ते जाम को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया था।
बस चालकों का कहना है कि वे प्रशासन का सहयोग करना चाहते हैं लेकिन अब हालात ऐसे हो गए कि कुछ चालकों को मजबूरन अपने वाहन खड़े करने पड़ गए हैं और आगे भी यही स्थिति रही तो सभी वाहन रोकने पड़ जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था व्यापार और यात्रियों के लिए सही नहीं है। पुराने रूट पर यात्री बसों का इंतजार करते रह जाते हैं, क्योंकि उन्हें नए रूट की सही जानकारी नहीं है। यूनियन का आरोप है कि जहां बसों को शहर से बाहर किया गया है, वहीं इसी रूट पर चलने वाली मेटाडोर अभी भी सलाथिया चौक से होकर गुजर रही है। मेटाडोर चालक नियमों का उल्लंघन कर ओवरलोड गाड़ियां चला रहे हैं जिससे बस मालिकों की रोजी पर संकट आ गया है।
उनका आरोप था कि प्रशासन का फैसला क्या सिर्फ मेटाडोर चालकों के हित में है। बस चालकों से जुड़े परिवार व वाहन मालिक रोजी-रोटी के लिए क्या करें? उन्होंने मांग करते हुए कहा कि बस चालक पूरी तरह से नियम मानने को तैयार हैं, बशर्ते मेटाडोर को भी न्यू बस स्टैंड में खड़ा किया जाए और उसे भी जखैनी से चलने की अनुमति दी जाए। यदि कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बस चालक हड़ताल पर चले जाएंगे। यूनियन ने साफ किया है कि इस स्थिति में जनता को होने वाली परेशानी की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।