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Udhampur News: बस हादसे में जान गंवाने वाली अंजलि को अंतिम विदाई, चालक गिरफ्तार

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उधमपुर/पुरमंडल। उधमपुर के खैरी में पिकनिक जाते समय बस से गिरकर जान गंवाने वाली छात्रा अंजलि चाैधरी को शुक्रवार को अंतिम विदाई दी गई।सांबा जिले के पुरमंडल में स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बीच, पुलिस ने बस के चालक और सहचालक के खिलाफ उधमपुर में एफआईआर दर्ज कर ली है। चालक को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
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मीरां साहिब क्षेत्र के खारिया गांव की अंजलि जम्मू में सरकारी महिला कॉलेज गांधीनगर की छात्रा थीं। वे वीरवार को काॅलेज की छात्राओं के साथ बस से पिकनिक के लिए पटनीटाॅप जा रही थीं। खैरी इलाके में चलती बस का दरवाजा खुलने से अंजलि नीचे गिर गई थीं। इसमें उनकी माैके पर ही माैत हो गई थी। पुरमंडल में गुप्त गंगा स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के समय परिजन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। लोगों ने नम आंखों से अंजलि को अंतिम विदाई दी।

इधर, उधमपुर की पुलिस बस को पहले ही कब्जे में ले चुकी है। चालक व सहचालक दोनों के खिलाफ लापरवाही को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है। डीएसपी मुख्यालय प्रहलाद शर्मा ने बताया कि प्राथमिक जांच में चालक व सहचालक की सीधे तौर पर लापरवाही सामने आई है। चालक को गिरफ्तार कर अन्य कार्रवाई की जा रही है।काॅलेज स्टाफ एवं संस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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बोल अंजलि, एक बार तो बोल...बहन के शव से लिपटकर रोए चचेरे भाई



मीरां साहिब। खारिया गांव की छात्रा अंजलि मां-पिता की इकलाैती संतान थी। शव को कंधा देने के लिए उसके दो चचेरे भाई ही हैं। शुक्रवार को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय दोनों शव के पास बेसुध-से खड़े रहे। बीच-बीच में अंजलि को आवाज लगा रहे थे...मानो वह अभी जाग उठेगी और बोलेगी। ...और फिर दोनों शव से लिपटकर रो पड़ते।



अंजलि के दोनों चचेरे भाई शुक्रवार सुबह ही घर पहुंचे थे। जब वे पहुंचे तो घर पर सगे-संबंधियों और पड़ोसियों की भीड़ लगी थी। घर-परिवार की महिलाएं रो रही थीं। सदमे में परिवार के पुरुषों के चेहरे सुन्न पड़े थे। सामने बहन का शव देख चचेरे भाइयों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह बार-बार अंजलि को आवाज लगाते रहे जैसे वह सुन रही हो और अभी उठ खड़ी होगी। अंजलि के साथ पढ़ने वालीं काॅलेज की सहपाठियों और सहेलियों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। सहेली को खोने का गम उनकी सिसकियों में साफ झलक रहा था। उनके रुदन से हर आंख आंसुओं से भर आई।

12 साल की मन्नत के बाद आई थी खुशियां

अंजलि के चाचा चौधरी चरण सिंह ने रुंधे गले से बताया कि शादी के 12 साल बाद भाई के घर संतान का सुख मिला था जिसे नियति ने पल भर में छीन लिया। शोक संतप्त माता-पिता इस स्थिति में भी नहीं थे कि किसी से बात कर सकें। विधायक बिक्रम रंधावा ने भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और संवेदना व्यक्त की।
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