कूह नाला से वारटा गांव को जोड़ने वाली तीन किलोमीटर लंबी सड़क की खस्ता हालत से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को चनुंता उधमपुर मार्ग को पांच घंटे तक जाम रखा। इस दौरान पीडब्ल्यूडी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने तुरंत सड़क पर तारकोल डालने का काम शुरू करवाने की मांग की।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे स्थानीय निवासी मुकेश दुबे ने कहा कि वर्ष 1990 में सड़क पर तारकोल डाला गया था। उसके बाद से अब तक इस सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे रोड की हालत इतनी खस्ता हो गई है कि मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
उन्होंने कहा कि सड़कों की खस्ता हालत के कारण हर समय हादसा की आशंका बनी रहती है। कई बार लोगों का शिष्टमंडल पीडब्ल्यूडी के आला अधिकारियों से सड़क पर तारकोल बिछाने की मांग को लेकर मिल चुका है, लेकिन आला अधिकारी हर बार लोगों को आश्वासन देकर वापस भेज देते है।
विभागीय लापरवाही के कारण पिछले 26 वर्षों से सड़क पर तारकोल नहीं बिछ पाया है। इस कारण लोगों को मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होेंने कहा कि जब तक विभागीय आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों को सड़क पर तारकोल बिछाने का आश्वासन नहीं देते हैं, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं मार्ग जाम व प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन ने लोगों को पंद्रह दिन के भीतर ही मार्ग पर तारकोल बिछाने का आश्वासन देने के बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पंद्रह दिन के भीतर सड़क पर तारकोल बिछाने का काम शुरू नहीं किया गया तो वह विभाग कार्यालय का घेराव करने पर मजबूर हो जाएंगे।