पांच साल पहले बारिश और बाढ़ के चलते हुआ था क्षतिग्रस्त, बीआरओ ने समय से पहले पूरा किया काम
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। करीब पांच साल पहले बारिश और बाढ़ के चलते क्षतिग्रस्त हुए बिरमा पुल के स्थान पर अब नया मजबूत पुल बनकर तैयार हो चुका है। जून 2025 में इस काम को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन बीआरओ ने इसे समय से पहले ही पूरा कर उधमपुर वासियों को बड़ी राहत दी है।
लगभग 115 मीटर की लंबाई बाले इस पुल बनने के बाद इसपर तारकोल बिछाने से लेकर रंग रोगन का काम भी पूरा कर लिया गया है और अब बस इसके उद्घाटन का इंतजार है। उम्मीद की जा रही है कि पुल के आगे करीब 50 मीटर की एप्रोच रोड़ पर छोटी मोटी मरम्मत का काम पुरा होने के बाद गणतंत्र दिवस के आसपास इसका लोकार्पण भी कर दिया जाएगा। इस पुल के बनने से बीते लगभग पांच साल से परेशानी से जूझ रही गढ़ी- रेहम्बल, चक, जिब थाती, चोपड़ा शाॅप, क्रिमची, पट्ठी, संसू, मलाड़ इत्यादि के दर्जनों इलाकों की करीब 50 हजार से अधिक आबादी को जिला मुख्यालय और जम्मू आदि की तरफ आवाजाही में काफी राहत मिलेगी। इससे शहर के कारोबारियों की जम्मू से उधमपुर के लिए माल ढुलाई इत्यादि को लेकर पेश आने वाली परेशानी भी दूर होगी।
2020 में क्षतिग्रस्त हुआ था पुराना पुल
शहर की लाइफ लाइन कहा जाने वाला पुराना बिरमा पुल साल 2020 में बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया था। जब बीआरओ ने पुल की जांच की तो पता चला था कि करीब छह दशक से भी अधिक पुराना यह पुल बदहाल हो चुका है। इस पर अब वाहनों की आवाजाही करना संभव नहीं है। बीआरओ ने इसे असुरक्षित घोषित कर दिया। शहरवासियों की समस्या को देखते हुए बीआरओ ने बिरमा नाले पर ही दो बैली पुल तैयार कर वाहनों की आवाजाही शुरू की थी। मौजूदा समय में इन पुलों पर ही वाहनों की आवाजाही चल रही है, लेकिन, मार्ग और पुल तंग होने के कारण यहां हर रोज यातायात प्रभावित होता है।
जून 2023 में शुरू हुआ था पुल बनाने का काम
जून 2023 में बीआरओ ने पुराने पुल के बगल में ही 15 करोड़ की लागत से बनने वाले दूसरे पुल का निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। मौजूदा समय में पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके इस पुल से शहर के कारोबारियों को भी काफी राहत मिलेगी। जब पुल क्षतिग्रस्त हुआ था तो इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ शहर का व्यापार भी प्रभावित हुआ था। शहर में सारे सामान की आपूर्ति इसी पुल से होती थी। जब यह पुल क्षतिग्रस्त हो गया था तो पुलिस ने बैली पुल पर यात्री वाहनों के साथ ट्रकों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। इसके कारण शहर के व्यापार पर भी असर पड़ा था। शहर के व्यापारी महीनों से स्थायी पुल की मांग कर रहे थे।
सेना को भी मिलेगी बड़ी राहत
पुल से करीब दो किलोमीटर दूर ही उत्तरी कमान है। सेना के ज्यादातर वाहन बिरमा पुल से होकर ही आवाजाही करते हैं। जब यह पुल क्षतिग्रस्त हुआ था तो इससे सेना के वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई थी। इस पुल के बनने के बाद सेना को भी बड़ी राहत मिलेगी।
गढ़ी-रेहम्बल के कारोबारियों की परेशानी होगी दूर
इस पुल के बनने से खासतौर पर गढ़ी-रेहम्बल के कारोबारियों और यात्रियों को काफी ज्यादा राहत मिलेगी। इस इलाके में करीब 300 से अधिक दुकानें हैं और जिला मुख्यालय के समीप यह सबसे घनी आबादी वाले इलाके में शामिल हैं। ऐसे में बिरमा पुल से होकर जम्मु के लिए सीधी गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होने से इस इलाके के लोग काफी परेशान हैं।
जम्मू के लिए अधिकतर बसें नए राजमार्ग से होकर चलती हैं, जिससे इन लाेगों को फ्लाटा या उधमपुर के जखैनी में पहुंचकर गाड़ी पकड़नी पड़ती है। इसलिए यह लोग भी काफी समय से इस पुल के बनने का इंतजार कर रहे हैं ताकि पहले की तरह जम्मू के लिए बिरमा पुल के रास्ते गाड़ियों का आवागमन बहाल हो सके।