उधमपुर के डीएन पैलेस में आयोजित री मद्भागवत कथा में भजन कीर्तन करते हुए संगत।
उधमपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन साध्वी भाग्यश्री भारती ने जडभरत प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जडभरत जिस परमात्मा को प्राप्त करने हेतु वन की ओर निकले थे, अपने गुरु के माध्यम से उस परमात्मा को प्राप्त कर लिया।
उन्होंने कहा कि यदि हम भी जडभरत की भांति उस ईश्वर को प्राप्त करना चाहते हैं तो हमें भी आवश्यकता है, ऐसे पथप्रदर्शक की, ऐसे गुरु की जो हमारे भी अंतकरण में उस ईश्वर का साक्षात्कार करा दे। क्योंकि गुरु के बिना कोई भी परमात्मा को नहीं प्राप्त कर सकता। उन्होंने बताया कि आज मानव प्रभु को मिलने के लिए तत्पर है लेकिन उसके पास प्रभु प्राप्ति का कोई साधन नहीं है। हमारे समस्त वेद शास्त्रों व धार्मिक ग्रंथों में यही लिखा है कि ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति के लिए ईश्वर का साक्षात्कार करने के लिए एक पूर्ण गुरु की शरणागति होना पड़ता है। श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई थी।