भूस्खलन से बंद हुआ जम्मू-श्रीनगर हाईवे भी चार घंटे बाद खुला
भद्रवाह/उधमपुर। भद्रवाह-बनी-बसोहली राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। छत्तरगलां दर्रे में हिमपात के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था जिससे बनी और भद्रवाह के बीच संपर्क कट गया था।
बीआरओ के अधिकारियों के अनुसार हाल ही में हुई बर्फबारी के चलते दुर्गम क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 118 आरसीसी इकाई और 66 आरसीसी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद निर्धारित समय से लगभग दो माह पूर्व ही सड़क बहाल कर दी। प्रतिकूल मौसम और भारी बर्फबारी के बीच टीम ने निरंतर कार्य करते हुए न केवल बर्फ हटाने का अभियान चलाया बल्कि पुलों एवं अन्य स्थायी संरचनाओं के कार्य को भी गति दी। इसका उद्देश्य कठुआ के बनी और डोडा के भद्रवाह के बीच संपर्क को सुचारु बनाए रखना था। 84 किलोमीटर लंबा मार्ग अब दोनों दिशाओं से खुला है। पहले केवल बस सेवा संचालित होती थी। अब सूमो, टेंपो ट्रैवलर व निजी वाहन भी सुरक्षित रूप से संचालित हो सकेंगे।
वहीं जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन में वीरवार को हुए भूस्खलन के कारण ठप हुआ यातायात लगभग चार घंटे बाद बहाल हो गया। मौसम साफ रहने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही सुचारु रही। हालांकि मलबे को पूरी तरह साफ करने का अभियान दूसरे दिन भी जारी रही लेकिन यातायात के लिए दोनों ट्यूबों को बीते दिन ही खोल दिया था। बता दें दोपहर लगभग साढ़े 3 बजे चंद्रकोट में वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी जिस वजह से राजमार्ग पर दोनों ओर से आवाजाही थम गई। राजमार्ग को बहाल करने के लिए निर्माण कंपनी ने राहत कर्मियों और मशीनों के साथ युद्धस्तर पर कार्य किया। रात करीब आठ बजे यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया गया था।
सड़क को ग्रेफ व बीआरओ को सौंपने का आग्रह
भाजपा के वरिष्ठ नेता रमनीक ने प्रशासन से भद्रवाह-चंबा सड़क को ग्रेफ/बीआरओ को सौंपने का आग्रह किया ताकि आवागमन और अधिक सुचारु हो सके। उन्होंने बताया कि गत वर्ष तीन लाख से अधिक पर्यटक भद्रवाह पहुंचे जिसका श्रेय बीआरओ के प्रयास को जाता है। वहीं भद्रवाह निवासियों ने 118 आरसीसी/बीआरओ के अधिकारियों और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।