कठुआ। पिछले साल कठुआ में दर्ज हुए 49.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के बाद इस बार भीषण गर्मी के आगाज से पहले प्रशासन ने कमर कस ली है। भीषण गर्मी ध्यान में रखते हुए, उपायुक्त राकेश मिन्हास ने डीसी कार्यालय परिसर के सम्मेलन हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी गर्मी के मौसम में निर्बाध जल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस योजनाओं और समन्वित प्रयासों पर बल देना था। बैठक की शुरुआत में विभागीय स्तर पर जल और बिजली आपूर्ति की वर्तमान स्थिति का विस्तार से जायजा लिया गया। विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर दिया गया जहां मौजूदा मौसम की परिस्थितियों के कारण आपूर्ति में कमी देखी जा रही है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि तत्काल आवश्यकता वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस मौसम में रणजीत सागर बांध के जल स्तर में गिरावट के कारण बसोहली व आस-पास के इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, कंडी बेल्ट तथा पहाड़ी क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में जल टैंकरों और ट्रॉलियों के माध्यम से समय पर पेयजल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संवाद
महीने के अंत तक पूरी करें दस जेजेएम परियोजनाएं : डीसी
डॉ. मिन्हास ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत प्रगति की भी जानकारी दी, जिसमें इस महीने के अंत तक 10 से अधिक योजनाओं के क्रियान्वयन से जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में राहत पहुंचाने का लक्ष्य शामिल है। नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चौबीस घंटे संयुक्त नियंत्रण कक्ष/हेल्पलाइन की स्थापना भी की जाएगी, जिसके माध्यम से निवासी जल, बिजली आपूर्ति या जंगल में आग जैसी आपदाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। साथ ही, स्थानीय जल स्रोत तक आसान पहुंच के लिए कार्यकारी अभियंता, भूजल विभाग को गैर-कार्यरत हैंडपंप की मरम्मत के लिए प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। वन विभाग के सभी डीएफओ को वन अग्नि जैसी आपदाओं पर तत्परता से निगरानी और कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।