उधमपुर। ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से ग्रामीण इलाकों में किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक का आयोजन रविवार को हुआ। इसमें डीसी इंदु कंवल चिब ने बीडीओ और संबंधित अधिकारियों को जल संरक्षण के लिए योजना बनाने और बावलियों की जियो टैगिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक की शुरूआत में एसीडी मुश्ताक चौधरी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए विकास कार्यों की जानकारी दी। बताया कि मनरेगा, 14 एफसी के तहत कई विकास कार्य चल रहे हैं और कई विकास कार्य अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। उन्होंने नए पंचायत घर, बावलियों के संरक्षण, आधार सीडिंग, एनआरएम के तहत चल रहे विकास कार्यों की भी पूरी जानकारी दी। इसके बाद डीसी ने सभी बीडीओ और इंजीनियर को निर्देश दिए गए कि मनरेगा के तहत जल संरक्षण के लिए योजना तैयार की जाए। विशेष तौर पर बारिश के पानी के संरक्षण को ध्यान में रखा जाए। इसके साथ बावलियों की हालत को सुधार कर जल संरक्षण में सहयोग किया जाए। बावलियों की मरम्मत से पानी की कमी को पूरा किया जा सकता है। उन्होंने सभी बावलियों का सर्वे करने के बाद जियो टैगिंग करने के निर्देश दिए और जल्द इसकी रिपोर्ट जमा करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार किए जा रहे मकानों में रेन वाटर हार्वेसस्टिंग की व्यवस्था करने को कहा। सभी अधिकारियों लोगों को घरों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने को जागरूक करने को कहा। उन्होंने मनरेगा जॉब कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने का काम जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी काम पादर्शिता के साथ पूरे किए जाए और गुणवत्ता का भी पूरा ख्याल रखा जाए। इस मौके पर सीपीओ राजीव भूषण, एक्सईन आरईडब्ल्यू बशीर शेख व अन्य अधिकारी मौजूद थे।