संवाद न्यूज एजेंसी
किश्तवाड़। जिले में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के उपयोग पर जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार शवन ने शुक्रवार को प्रतिबंध लगा दिया। उनका कहना है कि विश्वसनीय इनपुट प्राप्त हुए हैं जो दर्शाते हैं कि जिले में कुछ व्यक्ति और समूह वैध साइबर प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए वीपीएन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
इससे प्रतिबंधित वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफार्मों तक पहुंच हो रही है, जो सार्वजनिक व्यवस्था, शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा करती है। ऐसी गतिविधियों का गैरकानूनी, राष्ट्र-विरोधी और विघटनकारी उद्देश्यों के लिए शोषण किए जाने की उच्च संभावना है, जिसमें अशांति भड़काना, भड़काऊ सामग्री का प्रसार और कानून व्यवस्था के रखरखाव के लिए हानिकारक गतिविधियों में संलिप्तता शामिल है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट को उन परिस्थितियों में निषेधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार है, जहां उपद्रव या आशंका वाले खतरे की स्थिति मौजूद है।
उन्होंने कहा कि सिवाय उन मामलों को छोड़कर जिन्हें सरकार द्वारा आधिकारिक आदेश के माध्यम से स्पष्ट रूप से अधिकृत किया गया हो। यह निषेध जिला किश्तवाड़ के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में कार्यरत सभी व्यक्तियों, संस्थानों, साइबर कैफे और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) पर लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दो महीने की अवधि के लिए लागू रहेगा। एसएसपी को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन और प्रवर्तन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है।